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युद्ध के बीच ईरान में भूकंप से दहशत, 4.3 तीव्रता के झटके; क्या हुआ न्यूक्लियर टेस्ट?

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Earthquake in Iran
Earthquake in Iran : इजराइल और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के बीच मंगलवार को दक्षिणी ईरान के गेराश शहर में भूकंप के झटकों से दहशत फैल गई। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई।
 
यूएसजीएस ने कहा कि भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर नीचे आया और झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई। ये भूकंप 3 मार्च, 2026 को स्थानीय समायानुसार दोपहर 12:24 बजे ईरान के गेराश से 52 किमी उत्तर-पश्चिम में आया। इसका सेंटर लैटीट्यूड 28.036°N और लॉन्गीट्यूड 53.789°E पर था और भूकंप धरती की सतह से 10 किमी. नीचे आया।
 
हालांकि, इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए कई लोगों ने सवाल किया कि क्या ईरान ने न्यूक्लियर टेस्ट किया है? हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
 
गौरतलब है कि ईरान के एक्टिव फॉल्ट जोन में इतने बड़े झटके आम हैं और कुदरती भूकंपों से होने वाले सीस्मिक पैटर्न जमीन के नीचे न्यूक्लियर धमाकों से होने वाले पैटर्न से बहुत अलग होते हैं।
 
इससे पहले इंडोनेशया में मंगलवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई। इसका केंद्र धरती से 20 किलोमीटर की गहराई में बताया जा रहा है। ALSO READ: चंद्र ग्रहण से पहले भूकंप से थर्राया इंडोनेशिया, जानिए तीव्रता

कैसे आता है भूकंप?

हमारी धरती मुख्य तौर पर 4 परतों से बनी हुई है- इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टलऔर क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं। लेकिन जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं तो भूकंप आ जाता है। ये प्लेट्स क्षैतिज और उर्ध्वाधर दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट, दूसरी के नीचे आ जाती है।
edited by : Nrapendra Gupta 

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