Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 (23:50 IST)
Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 (23:54 IST)
ईरान ने अपने सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की शहादत का बदला लेने की कसम खाते हुए इजराइल के खिलाफ मिसाइल हमलों की 61वीं लहर का ऐलान कर दिया है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 2 बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने देश के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की हत्या के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों को जल्द ही उनके खून की कीमत चुकानी होगी।
लारिजानी की मौत के बाद इजराइल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने बुधवार को कहा कि तेहरान पर रातभर चले हमलों में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब भी मारे गए हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आज सभी मोर्चों पर चौंकाने वाली घटनाएं हो सकती हैं।
लारिजानी की हत्या के बाद तेज हुए हमले
पिछले दिन-रात में हुए इजराइली हमलों में ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की भी मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने मध्य इजराइल और खाड़ी के पड़ोसी देशों पर हमले जारी रखे। लारिजानी के अलावा उनके बेटे मोर्तजा लारिजानी और राष्ट्रीय सुरक्षा उपप्रमुख अलीरेज़ा बयात भी मारे गए। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और बासिज बलों के प्रमुख मेजर जनरल गुलाम रजा सुलेमानी का बुधवार को तेहरान में जनाजा निकला। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग उमड़े और मातम मनाया।
गैस संयंत्रों पर हमले
ईरानी अधिकारियों की मौत पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके नेता खत्म हो चुके हैं, यह एक बुरा समूह है। बुधवार को ईरान के विशाल अपतटीय साउथ पार्स गैस क्षेत्र से जुड़े प्राकृतिक गैस संयंत्रों पर हमला किया गया, जिसकी जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया ने दी।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दी कड़ी चेतावनी
हमलों के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जिन लोगों ने इन ठिकानों पर हमला किया है। उनके 'ईंधन, ऊर्जा और गैस ढांचे' को निशाना बनाया जाएगा। इसी बीच इजराइल की वायुसेना ने कहा कि उसने तेहरान में 'व्यापक हवाई हमलों' की एक श्रृंखला पूरी की और कई कमांड सेंटरों को निशाना बनाया।
अमेरिका का 5000 पाउंड के कई डीप-पेनेट्रेटर बम गिराने का दावा
अमेरिका ने मंगलवार देर रात कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5000 पाउंड के कई डीप-पेनेट्रेटर बम गिराए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इन ठिकानों पर मौजूद ईरानी एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइलें अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए खतरा थीं। Edited by : Sudhir Sharma
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 (23:50 IST)
Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 (23:54 IST)