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ईरान की 4000 KM वाली मिसाइल का डिएगो गार्सिया पर प्रहार! क्या भारत के पास पहुंच गई है जंग की आग?

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Iran missile attack Diego Garcia
Iran missile attack Diego Garcia: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जिसकी कल्पना कुछ दिन पहले तक नामुमकिन थी।  वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने दावा किया है कि ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के बेहद रणनीतिक और गुप्त माने जाने वाले सैन्य अड्डे 'डिएगो गार्सिया' पर दो बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है।
 
यह खबर दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि डिएगो गार्सिया, ईरान की मुख्य भूमि से लगभग  4000 किलोमीटर दूर, धरती के दक्षिणी गोलार्ध (Southern Hemisphere) में स्थित है।

पेंटागन का दावा : मिसाइलें नष्ट, लेकिन चिंता बरकरार

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मुख्यालय (पेंटागन) ने पुष्टि की है कि दो मिसाइलें डिएगो गार्सिया की ओर दागी गई थीं, लेकिन अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया। हालांकि पेंटागन नुकसान से इनकार कर रहा  है, लेकिन यह कथित हमला दो बेहद गंभीर और दूरगामी संकेत देता है, जो पूरी दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।

संकेत 1 : डोनाल्ड ट्रंप के दावों की हवा निकली?

यह कथित हमला अमेरिकी दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ी खाई को उजागर करता है। शुक्रवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा था कि 'ईरान के मिसाइल जखीरे अब पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और वह अब कोई बड़ा खतरा नहीं है।'
 
लेकिन, ट्रंप के इस बयान के ठीक अगले दिन, 4000 किलोमीटर दूर एक 'अजेय' माने जाने वाले बेस पर हमला करके ईरान ने  (यदि WSJ का दावा सही है) अमेरिका के सभी दावों को झूठा साबित कर दिया है। यह दिखाता है कि ईरान की सैन्य क्षमता,  विशेषकर उसकी मिसाइल तकनीक, अमेरिकी खुफिया एजेंसी के अनुमान से कहीं अधिक उन्नत और बची हुई है।

संकेत 2 : अमेरिका का बदला हुआ नैरेटिव और ईरान की चुनौती

पिछले कुछ दिनों से, अमेरिका ने ईरान के साथ तनाव के अन्य सभी कारणों (जैसे परमाणु कार्यक्रम या क्षेत्रीय अस्थिरता) को पीछे छोड़ दिया है। अब पेंटागन और व्हाइट हाउस का पूरा जोर केवल एक ही बात पर है—ईरान की 'बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता' को पूरी तरह नष्ट करना। अमेरिका इसे ही हमले की मुख्य वजह बता रहा है।
 
डिएगो गार्सिया पर कथित हमला करके, ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका को यह चुनौती दी है कि 'तुम्हें हमारी वास्तविक क्षमता  का अंदाज़ा तक नहीं है।' दुनिया की नजर में यह पहली बार है जब ईरान ने इतनी लंबी दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक  मिसाइल की नुमाइश की है।

तीसरा पहलू : क्या यह पेंटागन की कोई गहरी चाल है?

दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने अब तक इस हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में रक्षा विशेषज्ञों का एक वर्ग  यह भी मान रहा है कि यह वॉल स्ट्रीट जर्नल के माध्यम से पेंटागन द्वारा फैलाया गया एक सुनियोजित नैरेटिव  (Psychological Warfare) हो सकता है।
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इसके पीछे का उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना हो सकता है कि "देखो, ईरानी मिसाइलों की जद अब 4000 किलोमीटर तक  पहुंच गई है, यह अब केवल मिडिल ईस्ट का खतरा नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया को सतर्क हो जाना चाहिए।' ऐसा करके अमेरिका,  ईरान के खिलाफ एक बड़ा वैश्विक गठबंधन बनाने या अपने भविष्य के बड़े सैन्य हमलों को जायज ठहराने की जमीन तैयार कर  रहा हो सकता है।

क्या होगा आप पर असर?

अगर ईरान के पास वास्तव में 4000 किलोमीटर रेंज की सटीक मिसाइलें हैं, तो इसका मतलब है कि पूरा मिडिल ईस्ट, डिएगो  गार्सिया और यहां तक कि यूरोप के कुछ हिस्से उसकी जद में हैं। 
 
1. जंग की भयावहता और दायरा बढ़ेगा
यदि अमेरिका 'होर्मुज जलडमरू मध्य' (Strait of Hormuz) को खुलवाने के लिए अपनी नौसेना और अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियां भेजता है, तो अब लड़ाई केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहेगी। ईरान दूर-दराज के अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है, जिससे लड़ाई की इंटेंसिटी (Intensity) और दायरा दोनों अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाएगा। यह स्थिति तीसरे विश्व युद्ध जैसी बन सकती है।
 
2. भारत पर असर
डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में भारत के काफी करीब है। वहां बढ़ता तनाव सीधे तौर पर भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा  है। इसके अलावा, यदि होर्मुज जलडमरू मध्य बंद होता है, तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा (कच्चा तेल और गैस) पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं और महंगाई बढ़ सकती है।
 
डिएगो गार्सिया पर कथित हमला, चाहे वह सच हो या अमेरिकी मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा, यह साबित करता है कि  ईरान-अमेरिका संकट अब अपने सबसे खतरनाक चरण में है। 4000 किलोमीटर की मिसाइल रेंज ने जंग के मैदान को असीमित  बना दिया है। पूरी दुनिया अब सांसें थामकर देख रही है कि अमेरिका इस नई और अकल्पनीय चुनौती का क्या जवाब देता है।
 
(डिस्क्लेमर : यह लेख वॉल स्ट्रीट जर्नल और अन्य रक्षा रिपोर्टों में किए गए दावों पर आधारित है। ईरान ने अभी तक हमले की  पुष्टि नहीं की है)

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