ईरानी मुद्रा के गिरने से पैदा हुए गुस्से के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन ईरान के सभी 31 प्रांतों के 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों तक फैल गया। पिछले एक साल में ईरानी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है और महंगाई 40 फीसदी तक पहुंच चुकी है।
28 दिसंबर से सड़कों पर डटे प्रदर्शनकारी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को हटाने की मांग करते हुए देश के आखिरी शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी की वापसी के नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में अब तक 45 लोग मारे जा चुके हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बार फिर चेतावनी दी कि अगर ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों को मारते हैं तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उनका कहना है कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों के साथ जबरदस्ती की तो वो ईरानी शासन को नर्क का रास्ता दिखा देंगे। इधर इजराइल ने भी संकेत दिया है कि वह सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का साथ देगा।
गौरतलब है कि ईरान और इजराइल में पुरानी दुश्मनी है। जून 2025 में दोनों देशों के बीच जबरदस्त टकराव हुआ था। इसके बाद इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था। इस हमले में ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु संयंत्रों को भारी नुकसान हुआ था।
edited by : Nrapendra Gupta