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कब्र में ले जाएंगे सरेंडर का सपना! ट्रंप की मांग पर भड़का ईरान, राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी

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Iran US war
Iran US war News: मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से बड़ी खबर है। एक तरफ जहां समंदर और आसमान मिसाइलों से दहल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शब्दों का युद्ध भी अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बिना शर्त सरेंडर' की मांग को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हुंकार भरते हुए कहा है कि अमेरिका हमारे आत्मसमर्पण का सपना अपनी कब्र में ले जाएगा।

पड़ोसियों से माफी, ट्रंप को कड़ा जवाब

युद्ध के दूसरे हफ्ते में प्रवेश करते ही ईरान के रुख में दो बड़े बदलाव देखे गए हैं। शनिवार को देश को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक तरफ तो उन पड़ोसी देशों से माफी मांगी है, जिन पर ईरान ने गलती से या जवाबी कार्रवाई में हमले किए थे, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका को कड़ा जवाब दिया है। 
 
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान का इरादा पड़ोसी मुल्कों पर हमला करने का नहीं है और अब पड़ोसियों पर मिसाइल दागने पर रोक लगा दी है। लेकिन, यह शांति तब तक है जब तक ईरान की संप्रभुता पर हमला नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि पड़ोसी देशों की जमीन से ईरान पर हमला नहीं होता है तो मिसाइलें नहीं दागी जाएंगी। 

ट्रंप का दावा, ईरान ने सरेंडर किया

पड़ोसी देशों से मसूद की माफी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अपने पड़ोसियों से माफी मांगकर आत्मसमर्पण कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान मिडिल ईस्ट पर कब्जा करना चाहता था। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब ईरान अपने पड़ोसी देशों से हारा है। ईरान अब 'मिडिल ईस्ट का दादा' नहीं रहा, वह हारा हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान कई दशकों तक ऐसा ही रहेगा, जब तक कि वह आत्मसमर्पण नहीं कर देता। वह पूरी तरह ध्वस्त भी हो सकता है। 
 
ट्रंप ने सोशल मीडिया 'ट्रुथ' पर साफ कहा है कि ईरान के साथ बिना शर्त आत्मसमर्पण के अलावा कोई सौदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वे ईरान में नया नेतृत्व लाएंगे और फिर वहां की अर्थव्यवस्था को सुधारेंगे। इसी मांग पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद ने भड़कते हुए कहा था कि हम झुकेंगे नहीं।

ईरान के 1300 से ज्यादा नागरिकों की मौत

यूएन में ईरान के राजदूत ने दावा किया है कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में 1332 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है। ईरान के पलटवार में इजरायल के 11 लोग मारे गए हैं, जिनमें 6 अमेरिकी सर्विस मेंबर भी शामिल हैं। इजराइल ने लेबनान और बेरूत में भीषण बमबारी की है, जिससे करीब 3 लाख लोग बेघर हो गए हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 

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