Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 (14:03 IST)
Updated Date: Mon, 16 Mar 2026 (14:10 IST)
Sejjil ballistic missile: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की मिसाइल शक्ति ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ईरान के शस्त्रागार में 'सिजेल' (Sejjil) एक ऐसा नाम है, जो न केवल अपनी मारक क्षमता बल्कि अपनी रफ़्तार और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है। ईरान के सबसे घातक हथियारों में शुमार 'सिजेल' को सबसे उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल माना जाता है, जो पलक झपकते ही इजराइल और यूरोप के कई हिस्सों को निशाना बनाने में सक्षम है। इसे 'डांसिंग मिसाइल' भी कहा जाता है क्योंकि यह अपनी दिशा बदलने और रडार को चकमा देने में माहिर है।
क्या है सिजेल मिसाइल?
ईरान की मिसेल 'सिजेल' दो चरणों वाली (two-stage) सतह से सतह पर मार करने वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है। यह ईरान की पहली ऐसी मिसाइल है जो पूरी तरह से ठोस ईंधन (Solid Fuel) पर आधारित है। तरल ईंधन वाली मिसाइलों की तुलना में इसे लॉन्च करना बहुत आसान और तेज है, क्योंकि इसमें ईंधन भरने की लंबी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती।
क्यों कहा जाता है 'डांसिंग मिसाइल'?
इसे 'डांसिंग मिसाइल' इसके मैन्युवरेबल री-एंट्री व्हीकल (MaRV) तकनीक के कारण कहा जा सकता है। यह रडार को चकमा देने में सक्षम है। वायुमंडल में पुनः प्रवेश करते समय यह मिसाइल अपना रास्ता बदलने में भी सक्षम है। इसकी गति इसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम (जैसे आयरन डोम या एरो) के लिए एक कठिन लक्ष्य बनाती है। यह एक 'अस्थिर' पथ पर चलती है, जिससे इसकी सटीक लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह दुश्मन को कन्फ्यूज कर देती है।
मिसाइल की प्रमुख विशेषताएं
इसकी मारक क्षमता लगभग 2000 से 2500 किलोमीटर है। इसका मतलब है कि पूरा इजराइल, दक्षिण-पूर्वी यूरोप और खाड़ी के सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने इसकी जद में हैं। यह लगभग 500 से 1000 किलोग्राम तक का विस्फोटक (पारंपरिक या संभावित रूप से परमाणु) ले जाने में सक्षम है।
ठोस ईंधन होने के कारण इसे मोबाइल लॉन्चर (ट्रक) पर रखकर कहीं भी ले जाया जा सकता है और मिनटों में फायर (Ready-to-Fire) किया जा सकता है। मिसाइल लगभग 18 मीटर लंबी और करीब 1.25 मीटर व्यास की है। इसका वजन 23 हजार 600 किलोग्राम है। परीक्षण के दौरान यह मिसाइल 1900 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सफल रही थी।
इजराइल और पश्चिम के लिए खतरा
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 'सिजेल' ईरान के 'प्रतिरोध' का सबसे मजबूत स्तंभ है। इसकी रफ्तार Mach 12 से 14 तक पहुंच सकती है, जिससे इसे रोकने के लिए बहुत ही कम समय मिलता है। इजराइल के 'एरो' डिफेंस सिस्टम को विशेष रूप से ऐसी ही मिसाइलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन सिजेल की पैंतरेबाजी इसे एक बड़ा खतरा बनाती है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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