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क्या थम जाएगी जंग? 48 घंटे के भीतर मिलेगी अच्छी खबर, शेयर बाजार भी उछले

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Iran US war
Iran US Ceasefire: अमेरिकी वेबसाइट Axios (एक्सियोस) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा भीषण तनाव अब एक निर्णायक मोड़ पर है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान अगले 48 घंटों के भीतर एक महत्वपूर्ण युद्धविराम (Ceasefire) समझौते पर अपनी सहमति दे सकता है। यदि यह युद्धविराम लागू होता है तो इससे पूरी दुनिया को राहत मिलेगी। इस खबर के चर्चा में आते ही शेयर बाजारों ने भी छलांग लगा दी है। 
 
यह घटनाक्रम न केवल पश्चिम एशिया, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार के लिए भी बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष एक पन्ने के 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर काम कर रहे हैं। इस डील के लागू होते ही ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की आधिकारिक समाप्ति की घोषणा हो सकती है।

ईरान मान सकता है अमेरिका की शर्त

इस समझौते को एक महीने का समय दिया जाएगा, जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोलने और स्थायी शांति पर विस्तृत चर्चा होगी। माना जा रहा है ‍कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन को फिलहाल रोकने और अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को देश से बाहर (संभवतः अमेरिका) भेजने पर सहमत हो सकता है। अमेरिका भी यही चाहता है। इन्हीं कारणों से यु्द्धविराम की खबरों को बल मिला है। 

कौन करा रहा है सुलह?

इस डील के पीछे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के खास दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। ये दोनों ईरानी अधिकारियों के साथ सीधे और मध्यस्थों के जरिए संपर्क में हैं। पाकिस्तान और जिनेवा को आगामी तकनीकी वार्ताओं के लिए संभावित स्थान के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका और ईरान की शर्तें

ईरान चाहता है कि अमेरिका उस पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को हटाए और विदेशों में फ्रीज किए गए उसके अरबों डॉलर जारी करे। अमेरिका चाहता है कि ईरान कम से कम 12 से 15 साल तक परमाणु संवर्धन पर रोक लगाए और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में कोई अड़चन न डाले।

बाजारों पर असर

इस खबर के बाहर आते ही वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है और भारतीय शेयर बाजार (Sensex/Nifty) में भी आज जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि 48 घंटों में ईरान की तरफ से 'हां' आती है, तो दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट से बच जाएगी।
 
हालांकि 'एक्सियोस' ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इसे युद्ध की शुरुआत के बाद से अब तक की सबसे बड़ी प्रगति बताया है, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि स्थिति अभी भी नाजुक है। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को दांव पर लगाकर इस शांति समझौते को स्वीकार करेगा? इसमें कई संदेह नहीं कि अगले 48 घंटे दुनिया की दिशा तय करेंगे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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