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ISIS जारी करेगा सोना-चांदी के सिक्के

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, बुधवार, 12 नवंबर 2014 (12:28 IST)
इराक की मस्जिदों में इस आशय की घोषणा की जा रही है कि आईएसआईएस ठोस सोने और चांदी के सिक्के जारी करेगा। यह सिक्के उन इलाकों में जारी किए जाएंगे जहां पर संगठन का कब्जा है। आतंकवादी पुराने समय की इस्लामी मुद्रा 'दीनार' को फिर से जारी करना चाहते हैं। मूल रूप से दीनार ठोस सोने और चांदी की मुद्राएं या सिक्के होते थे। 
 
डेली मेल ऑन लाइन में एम्मा ग्लैनफील्ड का कहना है कि उग्रवादियों ने मोसुल और इराक के निनवे प्रांत के धार्मिक प्रमुखों से मशविरा करने के बाद शुरुआती इस्लाम की मुद्रा दीनार को फिर से चलन में लाने का फैसला किया है। मध्य पूर्व का यह आतंकवादी संगठन अपनी कामचलाऊ खिलाफत को मजबूत करने के लिए इस तरह के उपाय करना चाहती है। हालांकि दीनार अब भी कई देशों में चलते हैं, लेकिन यह मुद्रा पूरी तरह से सोने या चांदी की नहीं होती है। 
 
इस तरह के सिक्के 634 कॉमन ईरा में जब ऑटॉमन तुर्क की खिलाफत के दौरान सबसे पहले चलाए गए थे। मूल रूप से इस्लामी दीनार सोने का सिक्का थी जो कि वजन में 4.3 ग्राम का होता था। इसके चांदी का सिक्के को इस्लामी दिरहम कहा जाता था जो कि चांदी का सिक्का होता था और इसका वजन तीन ग्राम होता था। इन गोलाकार सिक्कों के एक ओर इस्लामी संदेश लिखा होता था तो दूसरी ओर इसके गढ़े जाने की तारीख और देश के शासक का नाम होता था।  
 
हालांकि अभी आईएसआईएस की ओर से इसकी पुष्टि किया जाना बाकी है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस बात के दावे किए जा रहे हैं कि इस आशय की घोषणा हाल ही में मोसुल और निनवेह प्रांत की मस्जिदों में धर्म प्रमुखों ने की है। इनमें कहा गया है कुछेक सप्ताह में ही सोने के दीनार और चांदी का दिरहम चलन में आ जाएगा। पिछले माह ही यह समाचार आया था कि संगठन काले बाजार में तेल को बेचकर प्रतिदिन 10 लाख डॉलर की राशि कमा रहा है। इसके अलावा, संगठन ने अपहरण की घटनाओं से भी फिरौती के तौर पर दो अरब डॉलर की राशि वसूरी है।
 
उग्रवादी संगठनों के पैसा कमाने के तरीकों के जानकार डैविड कोहेन का कहना है कि संगठन के प्रमुख इराकी नेता अबू बकर अल-बगदादी को बहुत बड़ी राशि स्थानीय अपराधियों और उनकी आतंकवादी गतिविधियों से मिलती है, लेकिन इन दावों को संगठन स्वीकार नहीं करता है। 

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