Epstein Files : यौन अपराधों से आगे का सच? बच्चों के मांस खाने जैसे आरोपों पर क्या कहती हैं फाइलें
एपस्टीन फाइल्स का खुलासा- क्या बच्चों को काटकर खाया जाता था? सनसनीखेज दावों के बीच 'नरभक्षण' और 'बलि' की कहानियों का सच
Publish Date: Fri, 06 Feb 2026 (18:13 IST)
Updated Date: Fri, 06 Feb 2026 (19:30 IST)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिवंगत यौन अपराधी और रईस फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की अनुमति देने के बाद अमेरिका में हड़कंप मचा हुआ है। न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी 30 लाख से अधिक फाइलों में जो खौफनाक विवरण सामने आ रहे हैं, उन्होंने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है।
अब सोशल मीडिया पर कई आरोप सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर साल 2009 का एक पुराना वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें 21 वर्षीय मॉडल गैब्रिएला रिको जिमेनेज को ग्वाडलहारा में चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो में एलीट क्लास के लोगों द्वारा इंसानों को खाने और बलि देने की बात कह रही थी।
क्या था जेफ्री एपस्टीन मामला?
यह पूरा मामला 2006 में शुरू हुआ था जब एक 14 वर्षीय लड़की के माता-पिता ने एपस्टीन पर अपनी बेटी के यौन शोषण का आरोप लगाया था। रिपोर्टों के अनुसार, एपस्टीन अपनी गर्लफ्रेंड घिस्लेन मैक्सवेल की मदद से नाबालिग लड़कियों को पैसों का लालच देकर बुलाता था और उनका शोषण करता था। साल 2019 में उसे मानव तस्करी के आरोप में फिर गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुकदमे के इंतजार के दौरान ही जेल की कोठरी में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
सामने आए कई दिग्गजों के नाम
इन फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद बिल गेट्स, बिल क्लिंटन और माइकल जैक्सन जैसे कई हाई-प्रोफाइल नाम चर्चा में आ गए हैं। ट्रंप समर्थकों और रिपब्लिकन पार्टी के दबाव के बाद जारी किए गए इन दस्तावेजों ने अब अमेरिका की राजनीति और एलीट क्लास के काले कारनामों की परतों को खोलना शुरू कर दिया है।
क्या हैं ये 'अजीबोगरीब' और विचलित करने वाले आरोप?
30 जनवरी को फाइलों के जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर दावों की बाढ़ आ गई है। इन दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया जा रहा है कि एपस्टीन और उससे जुड़े रईस लोग कथित तौर पर नवजात बच्चों को खाते थे, नरभक्षण में शामिल थे और 'अनुष्ठानिक बलि' जैसी गतिविधियों में लिप्त थे।
हालांकि सिर्फ सोशल मीडिया पर दावे
मीडिया खबरों के मुताबिक जारी किए गए एक दस्तावेज में दावा किया गया है कि बच्चों के अंग भंग किए जाते थे और उनकी आंतें निकाल ली जाती थीं। इस दस्तावेज में 'जॉर्ज बुश 1' का नाम भी दर्ज है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश के लिए है या किसी और के लिए। गौर करने वाली बात यह है कि ये दावे सोशल मीडिया पर असत्यापित प्रोफाइल से साझा किए जा रहे हैं।
आरोपों की सचाई
मीडिया खबरों के मुताबिक तथ्यों की जांच करने वाली वेबसाइट स्नोप्स ने खुलासा किया है कि हालांकि फाइलों में 'नरभक्षण' और 'अनुष्ठानिक बलि' जैसे शब्दों का जिक्र है, लेकिन इन आरोपों की सत्यता प्रमाणित नहीं की जा सकी है।
नरभक्षण या मानव मल
स्नोप्स के अनुसार ये आरोप 2019 में एफबीआई और एक अनाम व्यक्ति के बीच हुई बातचीत पर आधारित हैं। उस व्यक्ति ने दावा किया था कि साल 2000 में उसने एपस्टीन की नौका पर बच्चों के अंगों को काटते और बलि देते देखा था। मीडिया खबरों के मुताबिक न्याय विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि इस व्यक्ति ने अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। साथ ही, उसने 'नरभक्षण' शब्द का नहीं, बल्कि 'मानव मल' खाने का जिक्र किया था। 30 लाख से अधिक दस्तावेजों में 'कैनिबल' (नरभक्षी) शब्द 52 बार और 'कैनिबालिज्म' 6 बार आया है, लेकिन इनमें से कोई भी संदर्भ एपस्टीन के खिलाफ सीधे तौर पर नरभक्षण के आरोपों की पुष्टि नहीं करता। Edited by : Sudhir Sharma