यौन अपराधों के दोषी दिवंगत जेफरी एपस्टीन के मामले में एक बार फिर हड़कंप मच गया है। दुनिया के सबसे बड़े यौन अपराधी Jeffrey Epstein के कारनामों से जुड़े दस्तावेज और तस्वीरों का जखीरा खुलना शुरू हो गया है। अमेरिकी हाउस डेमोक्रेट्स द्वारा गुरुवार (18 दिसंबर) को जारी की गई नई तस्वीरों ने दुनिया के कई रईसों और प्रभावशाली हस्तियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इन तस्वीरों में माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स और मशहूर फिल्म निर्माता वुडी एलन जैसी हस्तियां नजर आ रही हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की 68 नई तस्वीरें जारी की गई हैं।
कौनसी तस्वीरें आ चुकी हैं सामने
गूगल बनाने वाले सर्गेई ब्रिन की भी तस्वीरें सामने आई हैं। इस बीच कांग्रेस मैन रो खन्ना ने आरोप लगाया है कि ट्रंप प्रशासन फाइल्स में छेड़छाड़ करके कई सबूत मिटाने की कोशिश में लगा है। अब तक जारी तस्वीरों में डोनाल्ड ट्रंप, बिल गेट्स जेफ बेजॉस, अमीरात के कारोबारी सुल्तान बिन सुलायेम की Jeffrey Epstein और युवतियों के साथ तस्वीरें सामने आ चुकी हैं।
95,000 तस्वीरों का खजाना
ये तस्वीरें उन 95,000 तस्वीरों के संग्रह का हिस्सा हैं, जिन्हें अमेरिकी कांग्रेस ने एपस्टीन की संपत्ति से जब्त किया था। समिति इन तस्वीरों को किस्तों में सार्वजनिक कर रही है। हालांकि, नई तस्वीरों पर कोई तारीख दर्ज नहीं है और न ही इनके संदर्भ (Context) के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है। इन खुलासों के बाद अब 19 दिसंबर की समय-सीमा से पहले ट्रंप प्रशासन पर पूरी 'एपस्टीन फाइल्स' को सार्वजनिक करने का भारी दबाव है। Jeffrey Epstein Files Transperensi act पारित होने के बाद 19 दिसंबर की आधी रात से पहले 300 GB में 94 हजार फोटो/ दस्तावेज जारी किए जाना अनिवार्य है।
डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाकार स्टीव बैनन
डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन भी एक तस्वीर में एपस्टीन के सामने डेस्क पर बैठे नजर आ रहे हैं न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) के स्तंभकार डेविड ब्रूक्स और गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन भी एक डिनर इवेंट की तस्वीरों में साथ दिख रहे हैं।
एपस्टीन से मिलना बड़ी गलती
डेमोक्रेट्स द्वारा जारी इन तस्वीरों में कई शक्तिशाली नाम शामिल हैं- बिल गेट्स और नोम चोमस्की। रिपोर्ट्स के मुताबिक गेट्स और चोमस्की के एपस्टीन से संबंध थे। बिल गेट्स पहले भी स्वीकार कर चुके हैं कि एपस्टीन से मिलना उनकी 'बड़ी गलती' थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि एक परोपकारी परियोजना के सिलसिले में उनकी कुछ मुलाकातें हुई थीं, जो कभी परवान नहीं चढ़ सकीं।
सरकार पर क्यों बढ़ा दबाव
फाइलें जारी करने के बाद सरकार को जनता को कुछ बातें साफ-साफ बतानी होंगी। यह बताना होगा कि दस्तावेजों में कौन-कौन से हिस्से काले किए गए हैं और ऐसा क्यों किया गया। साथ ही यह भी बताना होगा कि किस तरह की सामग्री जनता के सामने रखी गई और किस तरह की सामग्री को जारी नहीं किया गया। इसके सरकार को उन सभी सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों की पूरी सूची भी देनी होगी, जिनका नाम या किसी भी तरह का जिक्र इन फाइलों में आता है। यह सारी जानकारियां फाइलें जारी होने के 15 दिनों के अंदर सार्वजनिक करना आवश्यक है। Edited by : Sudhir Sharma