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ट्रंप के खिलाफ कनाडाई पीएम मार्क कार्नी के भाषण ने क्यों मचाया तहलका? 'पुराना दौर खत्म', सीधे दावोस से दी चेतावनी

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, बुधवार, 21 जनवरी 2026 (19:26 IST)
World Economic Forum (Davos) 2026: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) ने एक ऐसा भाषण दिया है जिसने वैश्विक कूटनीति में खलबली मचा दी है। कार्नी ने बिना नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विस्तारवादी और टैरिफ नीतियों पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है।

मार्क कार्नी के भाषण की 5 बड़ी बातें: क्यों हो रही है इतनी चर्चा?

मार्क कार्नी का यह भाषण महज एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों का संकेत है। इसके पीछे के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
 
1. "पुराना वर्ल्ड ऑर्डर अब वापस नहीं आएगा"
कार्नी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से चला आ रहा 'नियम-आधारित विश्व क्रम' (Rules-based order) अब खत्म हो चुका है। उन्होंने इसे एक "Rupture" (दरार) बताया और कहा कि देश अब 'सपनों की दुनिया' से बाहर निकलें। उनका इशारा ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति की ओर था, जिसने वैश्विक संधियों को दरकिनार कर दिया है।
 
2. आर्थिक एकीकरण को 'हथियार' बनाना
कनाडाई पीएम ने ट्रंप प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अब महाशक्तियां व्यापार और टैरिफ को "हथियार" की तरह इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि "टैरिफ को दबाव के रूप में और सप्लाई चेन को कमजोरी की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।"
 
3. कनाडा को '51वां राज्य' बनाने के प्रस्ताव पर पलटवार
पिछले कुछ समय से डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कनाडा को अमेरिका के '51वें राज्य' के रूप में जोड़ने और कनाडा के संसाधनों पर अमेरिका के अधिकार की बातें की थीं। कार्नी ने दावोस में दो टूक कहा— "कनाडा अपनी संप्रभुता का दिखावा नहीं करेगा, बल्कि उसे सुरक्षित रखेगा।" ### 4. ग्रीनलैंड विवाद पर डेनमार्क का साथ ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने की जिद और यूरोपीय देशों पर दबाव बनाने के बीच, कार्नी ने घोषणा की कि कनाडा मजबूती से डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ खड़ा है। उन्होंने आर्कटिक क्षेत्र में कनाडा की सैन्य उपस्थिति बढ़ाने का भी ऐलान किया।
 
5. चीन के साथ बढ़ती नजदीकी का बचाव
भाषण की सबसे बड़ी चर्चा कार्नी द्वारा चीन के साथ व्यापारिक समझौते को सही ठहराने पर हुई। ट्रंप की नाराजगी के बावजूद कार्नी ने हाल ही में चीन के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और तेल क्षेत्र में डील की है। उन्होंने कहा कि "जब पुराने साथी अविश्वसनीय हो जाएं, तो नए विकल्प तलाशना मजबूरी नहीं, रणनीति है।"
 

भारत और दुनिया पर क्या होगा असर?

मार्क कार्नी का यह रुख दिखाता है कि कनाडा अब पूरी तरह से अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय अपनी स्वतंत्र राह चुन रहा है।
 
व्यापार युद्ध (Trade War): अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ वॉर और तेज हो सकता है।
 
मिडल पावर्स का उदय : कार्नी ने 'मिडल पावर्स' (भारत, कनाडा, ब्राजील) को एकजुट होने का आह्वान किया है ताकि वे महाशक्तियों के बीच "मेनू कार्ड" न बनें।
 
"बीते हुए कल की यादें (Nostalgia) कोई रणनीति नहीं हो सकती। हमें आज की कड़वी सच्चाई को स्वीकार करना होगा।" — मार्क कार्नी, दावोस 2026
 
अगला कदम : क्या आपको लगता है कि मार्क कार्नी का यह कड़ा रुख कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा या ट्रंप का गुस्सा भारी पड़ेगा?

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