Publish Date: Tue, 10 Mar 2026 (17:27 IST)
Updated Date: Tue, 10 Mar 2026 (17:40 IST)
अंतरिक्ष में करीब 14 साल बिताने के बाद नासा (NASA) का एक रिसर्च सैटेलाइट 'वैन एलेन प्रोब ए' (Van Allen Probe A) अब धरती के वायुमंडल में वापस लौट रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सैटेलाइट 10 मार्च (भारतीय समयानुसार 11 मार्च की सुबह) के आसपास पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा।
क्या धरती पर रहने वालों को है खतरा?
विशेषज्ञों का कहना है कि वायुमंडल में प्रवेश करते समय तीव्र घर्षण के कारण सैटेलाइट का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो जाएगा। हालांकि, कुछ छोटे टुकड़े धरती पर गिर सकते हैं। चूंकि पृथ्वी का अधिकांश हिस्सा पानी से ढका है, इसलिए मलबे के समुद्र में गिरने की सबसे अधिक संभावना है। नासा और अंतरिक्ष विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि इससे किसी व्यक्ति या शहर को नुकसान पहुंचने का जोखिम 1 में से 4,200 है, जो कि नगण्य (0.02%) है।
कब और कहाँ गिरेगा सैटेलाइट?
अमेरिकी स्पेस फोर्स के अनुसार, इसके 10 मार्च को रात करीब 7.45 बजे (EDT) या 11 मार्च सुबह 5:15 बजे (IST) धरती के वायुमंडल में आने की उम्मीद है। हालांकि, वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण इस समय में 24 घंटे का अंतर आ सकता है।
क्यों गिर रहा है यह सैटेलाइट?
नासा ने 'वैन एलेन प्रोब ए' को अगस्त 2012 में लॉन्च किया था। इसका मुख्य काम पृथ्वी के चारों ओर मौजूद रेडिएशन बेल्ट (विकिरण बेल्ट) का अध्ययन करना था।
मिशन की अवधि: यह मिशन मूल रूप से केवल 2 साल के लिए था, लेकिन इसने 2019 तक डेटा भेजा।
गिरने का कारण: हालिया सौर गतिविधियों (Solar Activity) के कारण पृथ्वी का ऊपरी वायुमंडल गर्म होकर फैल गया है। इससे सैटेलाइट पर घर्षण (Drag) बढ़ गया और वह धीरे-धीरे अपनी कक्षा से नीचे आ गया।
दूसरे सैटेलाइट का क्या होगा?
इस मिशन में दो जुड़वां सैटेलाइट थे। 'प्रोब ए' जहाँ इस हफ्ते गिर रहा है, वहीं इसका दूसरा साथी 'वैन एलेन प्रोब बी' अभी कुछ और वर्षों तक अंतरिक्ष में रहेगा। अनुमान है कि वह 2030 के आसपास धरती पर लौटेगा। Edited by : Sudhir Sharma
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