अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जानते थे कि मैं भारत के रूसी तेल खरीदने से खुश नहीं हूं और अमेरिका कभी भी भारत के खिलाफ शुल्क में बढ़ोतरी कर सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ये टिप्पणियां रविवार को फ्लोरिडा से वाशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन (विमान) में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कीं।
अमेरिका भारत के साथ अपने ट्रेड डेफिसिट को कम करने की कोशिश कर रहा है और पिछले साल भारत के रूस से बड़े पैमाने पर कच्चे तेल खरीदने का हवाला देते हुए भारतीय सामानों पर इंपोर्ट टैरिफ को दोगुना करके 50 परसेंट कर दिया था। भारत और अमेरिका एक संभावित ट्रेड एग्रीमेंट पर भी बातचीत कर रहे हैं।
ट्रंप ने कहा भारत वास्तव में मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। वह नेक दिल हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं थाा और मुझे खुश करना उनके लिए महत्वपूर्ण था। वे व्यापार करते और हम उन पर कभी भी शुल्क बढ़ा देते। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा। ट्रंप की ये टिप्पणी तब आई जब एयर फोर्स वन में उनके साथ यात्रा कर रहे अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए शुल्क ही वह बड़ी वजह है जिसकी वजह से भारत अब रूस से काफी कम तेल खरीद रहा है।
ग्राहम ने अपने शुल्क विधेयक के बारे में बात की जिसमें रूसी तेल खरीदने वाले देशों से आयात पर 500 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ग्राहकों पर दबाव डालना आवश्यक है।
ट्रंप ने कहा कि प्रतिबंधों से रूस को बहुत नुकसान हो रहा है और फिर उन्होंने भारत का जिक्र किया। इसके बाद ग्राहम ने कहा कि अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया है। ग्राहम ने कहा कि करीब एक महीने पहले मैं भारतीय राजदूत के घर गया था और वह बस इसी बारे में बात कर रहे थे कि वे रूस से कम तेल खरीद रहे हैं। क्या आप राष्ट्रपति से शुल्क हटाने का अनुरोध करेंगे?
इससे पहले ट्रंप ने एक दिन पहले चेतावनी दी थी कि अगर नई दिल्ली रूस के तेल इंपोर्ट पर अमेरिका की चिंताओं को दूर नहीं करती है, तो वाशिंगटन भारतीय सामान पर टैरिफ और बढ़ा सकता है। ट्रंप ने पहले कहा था कि वे व्यापार करते हैं, और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। Edited by: Sudhir Sharma