जेफ्री एपस्टीन यौन शोषण कांड की वैश्विक लहर अब एक बड़े विश्व नेता के राजनीतिक भविष्य के लिए खतरा बन गई है, लेकिन यह वह चेहरा नहीं है जिसकी दुनिया उम्मीद कर रही थी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का नाम कभी भी सीधे तौर पर एपस्टीन से नहीं जुड़ा, फिर भी वे इस मामले के व्यापक असर के कारण भारी राजनीतिक दबाव झेल रहे हैं।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने गुरुवार को जेफरी एपस्टीन के पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। यह माफी इसलिए मांगी गई क्योंकि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था, जबकि मैंडेलसन के बदनाम फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से गहरे संबंध थे। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिनका नाम जांच फाइलों में दर्ज है, वर्तमान में किसी भी तत्काल राजनीतिक खतरे से दूर दिख रहे हैं। यह विरोधाभास दोनों देशों के अलग-अलग राजनीतिक माहौल को दर्शाता है।
हालांकि फाइलों में ट्रंप का जिक्र है, लेकिन उनके खिलाफ किसी आपराधिक गतिविधि के सबूत नहीं मिले हैं। एपस्टीन की जेल में मौत के 7 साल बाद भी इस कांड की आंच अब नॉर्वे और पोलैंड जैसे देशों तक पहुंच रही है। जहां एक ओर ब्रिटेन की संस्थाएं सक्रियता से जांच कर रही हैं, वहीं अमेरिका में रिपब्लिकन नियंत्रित कांग्रेस और न्याय विभाग पर ट्रंप के प्रभाव ने उनके लिए राजनीतिक जोखिम को सीमित कर दिया है।
ताजा संकट स्टार्मर के लिए तब गहरा गया जब यह खुलासा हुआ कि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को वाशिंगटन का राजदूत नियुक्त करने से पहले उनके और एपस्टीन के संबंधों के बारे में जानकारी होने की बात स्वीकार की। मैंडेलसन पर अब 2008 के वित्तीय संकट के दौरान संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप हैं, जिसके बाद उन्होंने हाउस ऑफ लॉर्ड्स और लेबर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
संसद में स्टार्मर ने कड़े शब्दों में कहा कि मैंडेलसन ने हमारे देश, संसद और मेरी पार्टी को धोखा दिया है। ट्रंप की स्थिति और वैश्विक असर इसके विपरीत, अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नहीं हो रही है। न्याय विभाग ने कहा है कि इस मामले में अब और कोई मुकदमा नहीं चलाया जाएगा।
दिग्गजों के नाम सामने आए
दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से संबंध रखने वाले दुनिया के कुछ सबसे अमीर और शक्तिशाली लोगों की सूची और लंबी हो गई है। यह खुलासा अमेरिकी सरकार द्वारा इस कलंकित फाइनेंसर की जांच से जुड़ी लाखों नई फाइलों को जारी करने के बाद हुआ है।
30 जनवरी को जारी की गई इन सामग्रियों के नवीनतम सेट में जिसे 'एपस्टीन फाइल्स' कहा जा रहा है- 30 लाख पन्ने, 1,80,000 तस्वीरें और 2,000 वीडियो शामिल हैं। इसमें रिचर्ड ब्रैनसन, बिल गेट्स और एलन मस्क जैसे कई दिग्गज नाम सामने आए हैं।
हालांकि, इन दस्तावेजों में नाम होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति ने कोई गलत काम किया है। पिछली बार जारी हुई फाइलों में शामिल कई लोगों ने भी एपस्टीन के साथ किसी भी तरह की गलत गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है।
बिल गेट्स ने बताया बड़ी गलती
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के मशहूर बिजनेसमैन बिल गेट्स एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। जेफ्री एपस्टीन फाइल्स ने पुराने सवालों को फिर से जिंदा कर दिया है। इन दस्तावेजों में दावा किया गया कि एपस्टीन ने अपने ईमेल ड्राफ्ट में गेट्स पर रूसी महिलाओं के साथ अवैध संबंध से जुड़े आरोप लगाए थे।
जैसे ही ये दावे सामने आए दुनिया में हलचल मच गई। लंबे समय तक चुप रहने के बाद अब बिल गेट्स ने इन आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने न सिर्फ इन आरोपों को झूठा बताया, बल्कि एपस्टीन से मुलाकात को अपनी जिंदगी की बड़ी गलती भी कहा।Edited by : Sudhir Sharma