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क्या होगा जब ईरान में रात में 3.30 बजेंगे? ट्रंप की डेडलाइन हो रही है खत्म

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Donald Trump Iran deadline
Donald Trump Iran deadline: अमेरिकी राष्ट्रप‍ति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जो डेडलाइन दी थी वह अमेरिकी समय अनुसार मंगलवार रात 8 बजे खत्म हो रही है। उस समय ईरान में 8 अप्रैल को तड़के (मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात) 3.30 बज रहे होंगे। ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान ने उनकी शर्तें नहीं मानी तो वे उसे पूरी तरह बर्बाद कर देंगे। पाषाण युग में पहुंचा देंगे। दूसरी ओर, ईरान भी ट्रंप के आगे झुकने को तैयार नहीं है।

1.40  करोड़ ईरानी जान देने के लिए तैयार

हालांकि ट्रंप ने ईरान को 10 दिन का वक्त दिया था, लेकिन इजराइल के साथ उसके संयुक्त हमले इस दौरान भी जारी रहे। सोमवार रात को हुए हमलों में भी ईरान में 15 लोगों की मौत हुई है। इस बीच, ईरान सरकार की एक अपील ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। सरकार ने ईरान के लोगों से कहा है कि वे पॉवर प्लांट के पास 'मानव श्रृंखला' बनाएं। ईरानी राष्ट्रपति पजेशकियन ने कहा है कि 1.40  करोड़ ईरानी अपनी जान देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैं भी जान देने के लिए तैयार हूं, तैयार था और तैयार रहूंगा। ईरानी सरकार ने लोगों से ट्रेन और ट्रेन ट्रैक से भी दूर रहने की सलाह दी है। माना जा रहा है कि अमेरिका और इजराइल ट्रेन और ट्रेन ट्रैक को भी निशाना बना सकते हैं। ALSO READ: 45 दिन का सीजफायर, ईरान की 10 शर्तें, क्या फैसला लेंगे Donald Trump
 
बड़ा सवाल यह है कि यदि ईरानी मानव श्रृंखला बनाते हैं तो क्या अमेरिका और इजराइल वहां हमला कर पाएंगे? हालांकि ट्रंप जिस तरह से अपनी जीत का लगातार दावा कर रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि वे ईरान पर बड़ा हमला नहीं करेंगे, लेकिन ट्रंप का कोई भी अनुमान नहीं लगा सकता, वह कब, कैसा उठा लें, उनके अलावा कोई नहीं जानता। 

ईरान को बर्बाद करने की धमकी

दरअसल, ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट (Truth Social) और बयानों में स्पष्ट किया है कि यदि डेडलाइन तक समझौता नहीं हुआ तो वे ईरान को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे। उसके बुनियादी ढांचे को पूरी तरह खत्म कर देंगे। उन्होंने ईरान के सभी पावर प्लांट (बिजली घर) और पुलों को पूरी तरह तबाह करने की धमकी दी है। उन्होंने इसे 'पॉवर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' का नाम दिया है। ट्रंप ने कहा है कि पूरे ईरान को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात मंगलवार की रात हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान के लोग 'नरक' जैसी स्थिति में रहने को मजबूर होंगे। ALSO READ: होर्मुज संकट पर बौखलाए ट्रंप, ईरान को दी खुली धमकी, बोले- सबकुछ तबाह कर देंगे, तेल पर करेंगे कब्जा

क्या है ईरान का रुख?

ट्रंप की हालिया धमकियों और '7 अप्रैल की डेडलाइन' पर ईरान का रुख काफी सख्त है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह दबाव में झुकने वाला नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे (बिजली घरों और पुलों) पर हमला करता है, तो ईरान भी 'जैसे को तैसा' जवाब देगा। ईरान ने कहा है कि उनकी सेना उन सभी ठिकानों को निशाना बनाएगी जो अमेरिका के हैं या जो इस हमले में अमेरिका की मदद करेंगे। ALSO READ: जंग होगी भीषण, डोनाल्ड ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान ने कहा- खुलेंगे नर्क के दरवाजे, कुवैत के बिजली-पानी प्लांट पर ड्रोन हमले
 
वहीं, ईरानी संसद (मजालिस) के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने ट्रंप की धमकियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आपकी लापरवाह हरकतें अमेरिका को हर परिवार के लिए एक 'जीते-जागते नर्क' में धकेल रही हैं। अगर आप युद्ध अपराध करेंगे, तो पूरा क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) जल उठेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप केवल इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के इशारों पर काम कर रहे हैं।

क्या है ईरान की मांग?

ईरान का कहना है कि उसे कोई अस्थायी युद्धविराम नहीं चाहिए, बल्कि युद्ध का स्थायी अंत, प्रतिबंधों को हटाना और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की गारंटी चाहिए। ईरान ने साफ किया है कि 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' तभी खुलेगा जब एक नया कानूनी ढांचा बनेगा और ईरान को पारगमन शुल्क में हिस्सा मिलेगा। ईरान के नेताओं का मानना है कि ट्रंप की धमकियां उनकी 'घबराहट और हताशा' का प्रतीक हैं।
 
हालांकि ईरान के खिलाफ जारी अमेरिका और इजराइल की जंग से वहां के लोग सहमे हुए हैं। ईरान के एक तबका ऐसा भी है जो ट्रंप की धमकियों को राष्ट्र के अपमान के तौर पर देख रहा है। अपनी जमीन की रक्षा की भावना के तहत ये लोग अमेरिकी कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोग इस बात से भी नाराज हैं अमेरिका 'नागरिक बुनियादी ढांचे' को निशाना बनाने की बात कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत एक 'युद्ध अपराध' की श्रेणी में आता है।
Edited by: Vrijendra SinghJhala 

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