Publish Date: Sat, 21 Feb 2026 (07:48 IST)
Updated Date: Sat, 21 Feb 2026 (08:12 IST)
ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत एक नया आदेश पर साइन की, जो मौजूदा टैरिफ के ऊपर अतिरिक्त 10% शुल्क लगाएगा। यह टैरिफ तत्काल प्रभाव से लागू होगा और अगले 5 माह तक लागू रहेगा।
कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह निर्णय बेहद निराशाजनक है। मैं कोर्ट के कुछ सदस्यों से शर्मिंदा हूं। कोर्ट विदेशी ताकतों के आगे झुक गई है। विदेशी देश बहुत खुश हैं। वे सोच रहे हैं कि उन्होंने हमें रोक दिया। लेकिन ऐसे देश लंबे समय तक खुश नहीं रहेंगे।
उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनकी शक्ति को कम नहीं बल्कि और अधिक मजबूत बनाता। सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल टैरिफ वसूली को सीमित करता है, लेकिन अन्य प्रकार के व्यापारिक प्रतिबंधों पर रोक नहीं लगाता। उन्होंने कहा कि मैं और भी मजबूत फैसले लूंगा।
क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ट्रंप द्वारा 'नेशनल इमरजेंसी' (राष्ट्रीय आपातकाल) कानून के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ (आयात शुल्क) को रद्द कर दिया है। इस फैसले का वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War) और भारत जैसे देशों पर बड़ा असर पड़ेगा।
175 अरब डॉलर वापस करने की नौबत
मीडिया खबरों के मुताबिक IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ से अब तक 175 अरब डॉलर (करीब 14.5 लाख करोड़ रुपए) से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। कोर्ट द्वारा इन शुल्कों को अवैध घोषित किए जाने के बाद, ट्रंप प्रशासन को यह भारी-भरकम राशि रिफंड (वापस) करनी पड़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार ट्रंप प्रशासन अब वैकल्पिक कानूनी रास्तों से व्यापारिक प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर सकता है। मामला दोबारा कानूनी लड़ाई का रूप ले सकता है। यह टकराव अमेरिका की न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच शक्ति संतुलन की बहस को भी तेज कर रहा है।
edited by : Nrapendra Gupta