Publish Date: Thu, 14 May 2026 (14:19 IST)
Updated Date: Thu, 14 May 2026 (14:35 IST)
जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि अगर ताइवान के सवाल को ठीक से संभाला गया, तो चीन और अमेरिका के संबंध स्थिर रहेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो टकराव और संघर्ष की आशंका बढ़ सकती है। इससे चीन और अमेरिका संबंध बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच जाएंगे।
चीनी दूतावास ने अमेरिका को चेताया था
ट्रंप के चीन पहुंचने से पहले अमेरिका में स्थित चीन के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर अमेरिका को चेतावनी दी थी। चीन ने कहा कि अमेरिका-चीन संबंधों में 'चार लाल रेखाएं' हैं, जिन्हें चुनौती नहीं दी जानी चाहिए। चीन ने जिन चार मुद्दों को सबसे संवेदनशील बताया, उनमें ताइवान का सवाल, लोकतंत्र और मानवाधिकार, दोनों देशों की राजनीतिक व्यवस्था और चीन के विकास का अधिकार शामिल हैं।
ट्रंप से क्या बोले अमेरिकी सांसद
अमेरिका के 4 सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि ताइवान को लेकर कोई ऐसा समझौता न हो जाए, जिससे आने वाले समय में अमेरिका की नीति पर असर पड़े। इन सांसदों को आशंका है कि बीजिंग में ताइवान को लेकर कोई बड़ी डील हो सकती है।
क्यों अहम है ताइवान का मुद्दा?
ताइवान लंबे समय से वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देता रहा है। बहरहाल यह मुद्दा दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव का प्रमुख कारण बना हुआ है।
edited by : Nrapendra Gupta
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