Publish Date: Wed, 18 Feb 2026 (10:42 IST)
Updated Date: Wed, 18 Feb 2026 (10:54 IST)
जिनेवा में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की न्यूक्लियर वार्ता बेनतीजा रही। इस बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 50 फाइटर प्लेन भेजे। इससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि तेहरान राष्ट्रपति ट्रंप की शर्तें मानने को तैयार नहीं है।
ओमान की मध्यस्थता में 3 घंटे तक चली बातचीत के बाद ईरानी विदेश मंत्री अराघची और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता को सकारात्मक बताया। हालांकि अमेरिका ने अभी भी हमले का विकल्प खुला रखा है।
अमेरिका सिर्फ ईरान के परमाणु कार्यक्रम का खात्मा ही नहीं चाहता है। वह चाहता है कि तेहरान अपना बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम भी रोके और क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन देना बंद करे। इस मुद्दे पर दोनों देशों में ठनी हुई है। ईरान परमाणु मुद्दे से इतर इन विषयों पर चर्चा नहीं चाहता।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने बढ़ाई ताकत
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में पिछले 24 घंटे में 50 से अधिक लड़ाकू विमानों की तैनाती कर दी है। इनमें F35, F22, F16 जैसे घातक लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। हवाई ईंधन भरने वाले कई टैंकरों को भी भेजा गया है। अमेरिका ने अपने विमानवाहक पोत समूह को भी मध्य पूर्व की ओर रवाना कर दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का सैन्य अभ्यास
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की ओर फायरिंग अभ्यास शुरू कर मिसाइलें दागीं। उसने होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इससे क्षेत्र में तनाव है। दूसरी तरफ, अमेरिका भी इस इलाके में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। यह जलमार्ग क्षेत्र महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग है जिससे दुनिया के 20% तेल का परिवहन होता है।
खामेनेई की ट्रंप को चुनौती
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को चुनौती देते हुए कहा कि वे ईरान को मिटाने का ख्वाब देखना छोड़ दें। खामेनेई ने खाड़ी में तैनात अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की धमकी दी। उन्होंने अमेरिका का जमकर मजाक भी उड़ाया।
edited by : Nrapendra Gupta