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मिडिल ईस्ट में जंग के बादल: इस वीकेंड हमले की अटकलें, क्या है ट्रंप का प्लान

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Iran US War threat
US-Iran War Threat : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने युद्धपोत से साथ ही 50 फाइटर प्लेन मीडिल ईस्ट में भेज दिए हैं तो ईरान भी चीन और रूस के साथ मिलकर हॉर्मुज की खाड़ी में युद्धाभ्यास कर रहा है। मीडिया खबरों के अनुसार, इस वीकैंड पर अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। ट्रंप के बयान से भी संकेत मिल रहे हैं अमेरिका जल्द ही ईरान पर अटैक कर सकता है। ALSO READ: तीसरे विश्वयुद्ध की आहट? ईरान के साथ आए रूस-चीन, हॉर्मुज की खाड़ी में युद्धपोतों की तैनाती से मचा हड़कंप! शुरू किया घातक अभ्यास

क्या कहती है मीडिया रिपोट्स

सीबीएस न्यूज के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने बताया है कि अमेरिकी सेना शनिवार को ही ईरान पर हमला कर सकती है। हालांकि, उन्होंने अभी तक हमले को मंजूरी देने या न देने का फैसला नहीं किया है।
 
इस बीच अमेरिकी समाचार एजेंसी एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख तय कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध लगभग तय है और ये हफ्तों तक चलने वाला पूर्ण पैमाने का संघर्ष हो सकता है। यह ऑपरेशन पिछले महीने वेनेजुएला में हुई सीमित कार्रवाई से कहीं बड़ा होगा। इजरायल भी कुछ दिनों में युद्ध की स्थिति के लिए तैयारियां कर रहा है। दोनों देश मिलकर ईरान पर हमला कर सकते हैं।

कैसी है अमेरिका की तैयारी 

अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपने विमान वाहक पोत तैनात किए हैं। F-35, F-22, और F-16 जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की कई स्क्वॉड्रन भी तैनात की गई हैं। एयर ऑपरेशन के लिए जरूरी कमांड एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट भी भेजे जा रहे हैं। हाल के हफ्तों में एयर डिफेंस सिस्टम भी इलाके में लगाए गए हैं। ALSO READ: न्यूक्लियर वार्ता फेल: अमेरिका–ईरान टकराव बढ़ा, मिडिल ईस्ट में जंगी तैनाती से तनाव चरम पर

डिएगो गार्सिया का इस्तेमाल करेगा अमेरिका!

इस बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान डील न करने का फैसला करता है, तो यूनाइटेड स्टेट्स के लिए डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड में मौजूद एयरफील्ड का इस्तेमाल करना जरूरी हो सकता है, ताकि एक बहुत अस्थिर और खतरनाक सरकार के संभावित हमले को खत्म किया जा सके। ALSO READ: ईरान तनाव के बीच ट्रंप की ब्रिटेन को चेतावनी: डिएगो गार्सिया मत छोड़ो
 
वहीं दूसरी ओर चीन और रूस ने ईरान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का संकेत दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन के युद्धपोतों का ईरान पहुंचना सीधे तौर पर वॉशिंगटन को चुनौती है। 
edited by : Nrapendra Gupta 

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