India-America Trade Deal : अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने दावा किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील इसलिए नहीं हो पाई, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। अमेरिका और भारत के बीच अब तक ट्रेड डील फाइनल नहीं हो पाई है, जिसकी वजह से भारत को 50 फीसदी तक अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। बीते महीने भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत के एडवांस स्टेज में हैं।
खबरों के अनुसार, अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी (वाणिज्य मंत्री) हॉवर्ड लुटनिक ने भारत से ट्रेड डील पर बड़ा खुलासा किया है। लुटनिक ने दावा किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील इसलिए नहीं हो पाई, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। अमेरिका और भारत के बीच अब तक ट्रेड डील फाइनल नहीं हो पाई है, जिसकी वजह से भारत को 50 फीसदी तक अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है।
बीते महीने भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत के एडवांस स्टेज में हैं। अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी (वाणिज्य मंत्री) लुटनिक का कहना है कि उन्होंने खुद यह समझौता तैयार किया था लेकिन इसके नतीजे तक पहुंचने के लिए मोदी का ट्रंप को फोन करना जरूरी था। इससे ये समझौता लंबे समय से अटका हुआ है।
लुटनिक ने दावा किया कि ट्रंप खुद डील को अंतिम रूप देने वाले नेता हैं और जब तक सामने वाला नेता सीधे बात नहीं करता, सौदा पूरा नहीं होता। उनके मुताबिक अमेरिका यह मानकर चल रहा था कि भारत के साथ समझौता बाकी देशों से पहले हो जाएगा।
लुटनिक का दावा है कि भारत ने लगभग 3 हफ्ते बाद फिर से बातचीत की इच्छा जताई। उस समय भारत ने कहा कि वह अब डील के लिए तैयार है, लेकिन तब तक ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी थी। लुटनिक के अनुसार, भारत अब उन शर्तों को बदलना चाहता था, जो पहले ही अन्य देशों के साथ तय हो चुकी थीं, और यही सबसे बड़ी समस्या बन गई।
लुटनिक का कहना है कि अमेरिका और भारत के बीच पिछले दिनों जिन शर्तों के साथ डील पर बात बनती दिख रही थी, वह अब खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका उस ट्रेड डील से पीछे हट गया है, जिस पर हमारी ओर से भारत के साथ सहमति जताई गई थी।
Edited By : Chetan Gour