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सीनेट में ट्रंप को बड़ा झटका, हमले की धमकी पर ईरान से भी मिला करारा जवाब

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Donald trump Iran US war
अमेरिकी संसद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पास हो गया है। यह प्रस्ताव भले ही 100 सदस्यीय सीनेट से पारित हो गया है, लेकिन इसे रिपब्लिकन के नियंत्रण वाली प्रतिनिधि सभा से भी पारित कराना होगा। बहरहाल सीनेट में प्रस्ताव पास होना राष्‍ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इधर ट्रंप की समझौता नहीं होने पर हमले की धमकी का ईरान ने भी करारा जवाब दिया है। ALSO READ: डेढ़ साल बाद फ्रांस में मिलेंगे पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप, जून में 2 दोस्तों की मुलाकात पर दुनिया की नजरें
 
शीर्ष डेमोक्रेट नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बनाते हुए युद्ध की बढ़ती लागत, स्पष्ट रणनीति की कमी और संघर्ष के लंबे खिंचने के खतरे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह भी कहा गया कि इस युद्ध का कोई स्पष्ट लक्ष्य या रणनीति नहीं है।
 
सीनेट में प्रस्ताव के पक्ष में 50 वोट पड़े, जबकि विरोध में 47 सीनेटरों ने मतदान किया। प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान ट्रंप को उनकी ही पार्टी के सांसदों के विरोध का सामना करना पड़ा। वोटिंग में 4 रिपब्लिकन सांसदों ने भी विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स का साथ दिया। हालांकि 3 रिपब्लिकन सांसद वोटिंग में शामिल नहीं हुए।
 

कुछ बुरा कर सकते हैं ट्रंप

हालांकि ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ आखिरी दौर की बातचीत में है। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके पास समझौते के लिए रविवार तक का वक्त है। अगर ईरान समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता है तो वह कुछ "बुरा" कर सकते हैं। 
 

ईरान ने भी किया पलटवार

इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी कि अगर फिर हमला हुआ तो संघर्ष पश्चिम एशिया से बाहर तक फैल सकता है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से पूरी दुनिया टेंशन में है। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमीनिया ने सरकारी समाचार एजेंसी से कहा कि यदि दुश्मन फिर से जायोनी जाल में फंसकर नई आक्रामक कार्रवाई करता है, तो हम उसके खिलाफ नए उपकरणों और नए तरीकों के साथ नए मोर्चे खोलेंगे।
edited by : Nrapendra Gupta

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