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Venezuela-America war: विश्वयुद्ध के बादल फिर मंडराए, वेनेजुएला पर हमले के बाद भड़के रूस और चीन, किम जोंग ने कहा- मेरे दोस्त को रिहा करो

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , रविवार, 4 जनवरी 2026 (09:24 IST)
Venezuela-America war News: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने दुनियाभर में भूचाल ला दिया है। राजधानी कराकस पर किए गए अमेरिकी हमले के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया है। अमेरिकी हमले और मादुरो के पकड़े जाने को लेकर तमाम देशों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। अमेरिकी एयरस्ट्राइक और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने पर रूस और चीन भड़क गए हैं।
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अमेरिकी अधिकारियों ने मादुरो पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके जवाब में वैरीओस देशों ने वैश्विक युद्ध की आशंका जताई है। अमेरिका ने इस ऑपरेशन को Operation Absolute Resolve नाम दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि फिलहाल वेनेजुएला को अमेरिका चलाएगा। मीडिया खबरों के मुताबिक एयर स्ट्राइक में 40 मौतों का दावा किया गया है।
बीजिंग ने इसे खुले तौर पर ‘दादागिरी’ करार दिया है जबकि रूस ने अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने की अपील की है। दोनों देशों ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग का समर्थन किया है।
 
किस देश ने दिया अमेरिका का साथ
मीडिया खबरों के मुताबिक उत्तर कोरिया के राष्‍ट्रपति किम जोंग-उन ने अमेरिका को सीधी चेतावनी जारी की है। उन्होंने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह कदम तीसरे विश्व युद्ध की ओर ले जा सकता है। किम ने मादुरो को अपना निजी "दोस्त" बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन से मांग की है कि मादुरो दंपति की तत्काल स्थिति स्पष्ट की जाए और उन्हें बिना शर्त रिहा किया जाए।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने कहा कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर अब तक का सबसे गंभीर प्रहार है। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने इस घटनाक्रम का समर्थन किया है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने इन घटनाओं को निंदा की और कहा कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर अब तक का सबसे गंभीर प्रहार है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष एक “बेहद खतरनाक उदाहरण” है। 
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि यूरोपीय संघ स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने तथा संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र का सम्मान करने का आग्रह किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश इस अमेरिकी कार्रवाई में शामिल नहीं था और वह राष्ट्रपति ट्रंप से इस बारे में और जानकारी लेंगे। 
 
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन पहले तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने तनाव कम करने और जिम्मेदारीपूर्ण रवैये की अपील करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र के सिद्धांतों का सम्मान किया जाना चाहिए। 
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, राजधानी काराकस पर बड़े पैमाने पर किए गए अमेरिकी हमले के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा गया और उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन्हें मुकादमों का सामना करना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने निकोलस मादुरो की तस्वीर भी शेयर की है। वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने अमेरिका की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी भी जताई। Edited by : Sudhir Sharma

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