अमेरिकी सेना की वेनेजुएला में की गई कार्रवाई के संबंध में सामने आ रही जानकारी बेहद चौंकाने और डराने वाली हैं। न्यूयार्क पोस्ट के मुताबिक निकोलस मादुरो को पकड़ने पहुंची अमेरिका सेना ने एक शक्तिशाली रहस्यमय हथियार का इस्तेमाल किया था, जिससे वेनेजुएला के सैनिक घुटनों पर आ गए। उनकी नाक से खून बहने लगा और खून की उल्टी करने लगे।
एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने एक रहस्यमयी सोनिक वेपन का इस्तेमाल किया, जिससे वेनेजुएला के सैकड़ों सैनिक नाक से खून बहने लगा। सैनिक खून की उल्टी करने लगे और जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए। इस हथियार की वजह से मादुरो की सुरक्षा में तैनात सैनिकों की पूरी टुकड़ी कुछ ही मिनटों में बेबस हो गई।
रुक जाओ और इसे पढ़ो : व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस प्रत्यक्षदर्शी के इंटरव्यू को शेयर करते हुए लिखा, “रुक जाओ और इसे पढ़ो…”। यह इंटरव्यू एक वेनेजुएला के सिक्योरिटी गार्ड का है, जो मादुरो के महल की सुरक्षा में तैनात था। गार्ड ने बताया कि 3 जनवरी की रात को अमेरिकी फोर्सेस ने अचानक हमला बोल दिया।
क्या कहा गार्ड ने अपने बयान में : गार्ड ने बयान में बताया कि हमारे रडार अचानक बंद हो गए। ऊपर से ड्रोन्स की भरमार उड़ने लगी। फिर सिर्फ 8 हेलीकॉप्टर आए, जिनसे मुश्किल से 20 अमेरिकी सैनिक उतरे। वे तकनीकी रूप से इतने एडवांस्ड थे कि हमारे सैकड़ों सैनिकों के हथियार बेकार हो गए। अचानक उन्होंने कुछ लॉन्च किया। एक बहुत तेज ध्वनि तरंग जैसी। मेरे सिर के अंदर धमाका होने लगा। इसके बाद सबकी नाक से खून बहने लगा। कुछ सैनिक खून की उल्टी करने लगे। हम सब जमीन पर गिर पड़े, खड़े होने की ताकत तक नहीं रही। यह सोनिक हथियार था या कुछ और, पता नहीं!
यह कत्लेआम था : गार्ड ने इसे कत्लेआम बताया और कहा कि 20 अमेरिकी सैनिकों ने बिना एक भी घायल हुए हमारे सैकड़ों लोगों को मार गिराया। अमेरिका से दुश्मनी मत ठानो, वे जो कर सकते हैं, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व : अमेरिका ने 3 जनवरी को ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व के तहत वेनेजुएला पर हमला किया था। डेल्टा फोर्स और नेवी सील्स की टीमों ने काराकास में मादुरो के कंपाउंड पर धावा बोला। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को जिंदा पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर ड्रग तस्करी, नार्को-टेररिज्म और हथियारों के आरोप लगे हैं। वेनेजुएला की सरकार ने इस हमले में 100 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि कोई अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ।
क्या है सोनिक वेपन : विशेषज्ञों का कहना है कि यह लॉन्ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस (LRAD) या एडवांस्ड डायरेक्टेड एनर्जी वेपन हो सकता है, जो ध्वनि तरंगों या माइक्रोवेव से दुश्मन को लकवा मार देता है। अमेरिका के पास दशकों से ऐसे हथियार हैं, लेकिन युद्ध में पहली बार इस्तेमाल की खबरें हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे मिस्ट्री वेपन या हैवाना सिंड्रोम जैसे हमलों से जोड़ा जा रहा है।
#USStrikeVenezuela ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग इस अजेय हथियार पर चर्चा कर रहे हैं। क्या यह नई युद्ध तकनीक का युग है या सिर्फ अमेरिकी प्रोपेगंडा? अब इस हमले को लेकर सोशल मीडिया में बहस चल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका ने इस तरह के हथियारों का पहली बार इस्तेमाल किया है।
Edited By: Navin Rangiyal