Publish Date: Thu, 09 Apr 2026 (16:03 IST)
Updated Date: Thu, 09 Apr 2026 (16:07 IST)
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। जहां एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्तों के सीजफायर (US Iran Ceasefire) की घोषणा हो चुकी है। दूसरी तरफ इजराइल के लेबनान पर हमले जारी है। इजराइल एक के बाद एक लेबनान पर हमले कर रहा है। इससे सीजफायर के तय सीमा से पहले खत्म होने का डर पैदा हो गया है। इसी बीच लेबनान से बड़ी खबर सामने आई है। इसके अनुसार इजराइल ने एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह प्रमुख के करीबी सहयोगी अली यूसुफ हरशी को मार गिराने का दावा किया है।
अमेरिका के सीजफायर के ऐलान वाले दिन ही इजराइली सेना ने 10 मिनट में 100 से ज्यादा हवाई हमले किए। 50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों ने लेबनान में तबाही मचा दी। ये हमले लेबनान की राजधानी बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में किए गए, जिसमें रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया। लेबनान के लिए यह इस संघर्ष का सबसे जानलेवा दिन साबित हुआ।
इसमें कम से कम 254 लोग मारे गए और 1100 से ज्यादा घायल हुए हैं। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है, क्योंकि बचाव दल मलबे के नीचे लोगों को तलाश रह है। हवाई हमलों की इस लहर को लेबनान में युद्ध शुरू होने के बाद सबसे बड़ी बताया जा रहा है। यह लहर डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा के बाद शुरू हुई। लेबनान के राष्ट्रपति ने इसे नरसंहार कहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ दो हफ्ते का सीजफायर भी खतरे में पड़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। वहीं ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया देने की बात कही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दोनों देशों से अपील की है कि लेबनान को भी शांति समझौते में शामिल किया जाए। Edited by : Sudhir Sharma