Publish Date: Wed, 03 Jun 2026 (08:17 IST)
Updated Date: Wed, 03 Jun 2026 (08:28 IST)
अमेरिका द्वारा टेलीकॉम एंटीना और ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने कुवैत में अमेरिकी एयरबेस और फिफ्थ फ्लीट पर हमला किया। ईरानी हमलों के बाद कुवैत और बहरीन में साइरन की आवाजें सुनाई दी। इधर अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया। इससे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ईरानी हमलों पर क्या बोला अमेरिका?
अमेरिका ने दावा किया कि कुवैत पर दागी गईं दो मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गईं या रास्ते में ही नष्ट हो गईं और बहरीन पर दागी गईं तीन अन्य मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीनी हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा तुरंत रोक दिया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि कुवैत में अमेरिकी सेना पर हमला करने की कोशिश कर रहे ईरानी ड्रोनों की एक और लहर अपने निर्धारित लक्ष्यों को निशाना बनाने में विफल रही। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक कई ड्रोनों को मार गिराया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी अमेरिकी कर्मी या संपत्ति को कोई नुकसान न पहुंचे।
एक अन्य पोस्ट में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दावा है कि उन्होंने मिसाइलों और ड्रोनों से बहरीन में अमेरिकी 5वें बेड़े (5th Fleet) के मुख्यालय और क्षेत्र में एक अमेरिकी हवाई अड्डे पर हमला किया। यह दावा झूठा है। अमेरिकी सेना पर किए गए सभी ईरानी हमले विफल रहे। अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और ईरान के इस अकारण आक्रमण के खिलाफ रक्षा करने के लिए तैयार है।
अमेरिका का तेल टेंकर पर हमला
इससे पहले अमेरिका ने दावा किया था कि उसने एक खाली तेल टैंकर को निशाना बनाया था, जो ईरान की तरफ जा रहा था। सेंटकॉम ने बताया कि एक अमेरिकी विमान ने बोत्सवाना के झंडे वाले एम/टी जहाज़ के इंजन रूम पर हेलफ़ायर मिसाइल दागी।
edited by : Nrapendra Gupta
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