Publish Date: Wed, 08 Apr 2026 (19:24 IST)
Updated Date: Wed, 08 Apr 2026 (19:27 IST)
यूनाइटेड स्टेट्स सेक्रेटरी ऑफ़ वॉर, पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने इस सीज़फ़ायर की भीख मांगी थी, और हम सब यह जानते हैं। ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी लड़ाई के मैदान में एक ऐतिहासिक और ज़बरदस्त जीत थी। ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी ने ईरान की सेना को खत्म कर दिया और आने वाले कई सालों तक उसे लड़ाई में बेअसर कर दिया। दो हफ्तों के सीजफायर के ऐलान के साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की भी तैयारी कर ली गई है। जिस होर्मुज की वजह से पूरी दुनिया में तहलका मचा था, उसके खुलने के ऐलान भर से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।
8 अप्रैल 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका-ईरान सीजफायर समझौते के तहत होर्मुज को खोलने का फैसला कर लिया गया है। हालांकि, यहां से गुजरने वाले जहाजों को ट्रांजिट फीस देना होगा। ईरान के साथ-साथ अब ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलेगा। फारस की खाड़ी में पड़ने वाला 34 किमी का यह गलियारा शिपिंग जहाजों से मोटी फीस वसूली के बाद ही उन्हें वहां से गुजरने की इजाजत देगा। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के वॉटर टेरिटोरियल के बीच पड़ता है। अब तक ईरान इस रास्ते पर टोल टैक्स वसूल रहा था। अब सीजफायर समझौते के बाद ओमान भी इसमें शामिल हो गया है।
इस्लामाबाद में होगी बातचीत
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस बात की पुष्टि की है कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ पाकिस्तान की मदद से होने वाली शांति बातचीत में तेहरान हिस्सा लेगा। यह बात प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को कही। शहबाज ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति पेजेशकियन के साथ टेलीफोन पर अच्छी और गर्मजोशी भरी बातचीत की। यह बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सशर्त युद्धविराम पर सहमत होने के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें जहाज परिवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना भी शामिल है। Edited by : Sudhir Sharma
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Wed, 08 Apr 2026 (19:24 IST)
Updated Date: Wed, 08 Apr 2026 (19:27 IST)