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'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली बरसी : कश्मीर में पर्यटकों ने व्‍यक्‍त की गर्व और आत्मविश्वास की भावना, बोले- पिछली घटनाओं और तनाव के बावजूद जारी रखेंगे यात्रा

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Statements from Tourists in Kashmir on First Anniversary of Operation Sindoor
Operation Sindoor : कश्मीर आने वाले पर्यटकों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सालगिरह पर गर्व और आत्मविश्वास की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि वे पिछली घटनाओं और तनाव के बावजूद कश्‍मीर की यात्रा जारी रखेंगे। गौरतलब है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' 7-8 मई, 2025 की रात को शुरू किया गया था। यह कदम 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाया गया था, जिसमें 26 नागरिकों (जिनमें ज़्यादातर पर्यटक शामिल थे) की जान चली गई थी। इस ऑपरेशन में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और उसके पार स्थित कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद कुछ समय के लिए तनाव बढ़ा, लेकिन जल्द ही दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम की सहमति बन गई।

श्रीनगर और आसपास के कई पर्यटन स्थलों पर, पर्यटकों ने बताया कि पिछले साल की घटनाओं ने उन्हें हतोत्साहित नहीं किया है। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया ने कश्मीर आने के उनके संकल्प को और मजबूत किया है। जयपुर से अपने परिवार के साथ घूमने आईं अंजलि शर्मा कहती थीं कि पिछले साल भी हमारी यहां आने की योजना थी, लेकिन हमले के बाद हमने उसे टाल दिया था। इस बार हमने पक्का इरादा कर लिया था कि हम जरूर आएंगे। वे कहती थीं कि हमारा मानना है कि ऐसी घटनाओं की वजह से लोगों को यात्रा करना नहीं छोड़ना चाहिए।
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दिल्ली के एक पर्यटक रोहन मेहता कहते थे कि जिस तरह से स्थिति को संभाला गया, उस पर हमें गर्व महसूस होता है। हम बिना किसी डर के यहां आए हैं। उनका कहना था कि कश्मीर सुरक्षित है, और हम यहां आते रहेंगे।
पर्यटकों ने बताया कि इस घटना ने शुरू में उनमें चिंता पैदा कर दी थी, लेकिन बाद में शांति बहाल होने और सुरक्षा बलों की लगातार मौजूदगी ने उन्हें आश्वस्त किया है।

बरसी पर भी डल झील और अन्य लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को अपनी सामान्य गतिविधियों में व्यस्त देखा गया। हाउस बोट संचालकों और स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। कई पर्यटकों ने कहा कि वे पर्यटन के जारी रहने को लचीलेपन और सामान्य स्थिति का प्रतीक मानते हैं। लखनऊ के एक पर्यटक अरविंद कुमार कहते थे कि अगर कोई घटना होती भी है, तो उसका जवाब बहुत मजबूत होता है। इससे हमें आत्मविश्वास मिलता है। उनका कहना था कि हमें लगता है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

एक अन्य पर्यटक स्नेहा गुप्ता के बकौल, हम अपनी यात्रा का पूरा आनंद ले रहे हैं। यहां के लोग बहुत मेहमाननवाज हैं और सबकुछ बिलकुल सामान्य लग रहा है। वे कहती थीं कि डरने की कोई वजह नहीं है।
कुछ पर्यटकों ने यह भी कहा कि कश्मीर की लगातार यात्राएं हिंसा के कारण पैदा होने वाली अशांति के खिलाफ एक संदेश भी देती हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी हुई है और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े स्थानीय लोगों ने कहा कि पर्यटकों के बीच इस तरह का भरोसा इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
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मुंबई से आए एक पर्यटक मनीष वर्मा कहते थे कि हमें ऐसी घटनाओं को पर्यटन पर असर नहीं डालने देना चाहिए। कश्मीर बहुत सुंदर और शांतिपूर्ण जगह है। वे कहते थे कि हम यहां दोबारा जरूर आएंगे। पर्यटकों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शांति बनी रहेगी और कश्मीर पूरे देश से आने वाले टूरिस्‍टों के लिए खुला और सुलभ रहेगा। वे कहते थे कि हम बस यहां शांति चाहते हैं और हम यहां बार-बार आते रहेंगे।
Edited By : Chetan Gour



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