वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के बीच आज भारतीय सर्राफा बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बिकवाली के चलते चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ सोने ने अपनी मजबूती साबित करते हुए निचले स्तरों से शानदार रिकवरी की। कमोडिटी मार्केट में आए इस उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को वैश्विक आर्थिक संकेतों के प्रति सतर्क कर दिया है। चांदी के उलट, सोने ने आज निवेशकों के लिए Safe haven की अपनी छवि को सही साबित किया। सोने की वापसी यह दर्शाती है कि मुश्किल समय में अब भी निवेशकों का भरोसा पीली धातु पर टिका हुआ है। भारी गिरावट ने नए खरीदारों के लिए खरीदारी के मौके पैदा किए हैं।
16% तक टूटी कीमतें
आज चांदी के लिए दिन बेहद निराशाजनक रहा। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों ही बाजारों में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई। एशियाई बाजारों में चांदी की कीमतें 16% तक गिर गईं। इसके हाल के दिनों में हुई सारी बढ़त खत्म हो गई। भारतीय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव में इतनी तेजी से गिरावट आई कि इसने लोअर सर्किट की सीमा को छू लिया। इससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया। गिरावट का असर सिर्फ फिजिकल चांदी पर ही नहीं, बल्कि सिल्वर ईटीएफ (ETFs) पर भी पड़ा, जहां कुछ उत्पादों की वैल्यू 10% से अधिक घट गई।
क्या बरकरार रहेगी गिरावट
चांदी की इस गिरावट के पीछे मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और औद्योगिक धातुओं से निवेशकों का मोहभंग होना मुख्य कारण हैं। शुरुआती सत्र में मामूली गिरावट के बाद, MCX पर सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। कुछ कॉन्ट्रैक्ट्स में 4% तक की तेजी दर्ज की गई। हाजिर बाजारों में खरीदारी बढ़ने से सोने की कीमतों को सहारा मिला।
फिर बढ़ सकती हैं कीमतें
सोने में आई वर्तमान गिरावट केवल एक 'तकनीकी सुधार' है और आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले समय में इसकी कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक जब तक मुद्रास्फीति, ब्याज दरों में कटौती और वैश्विक घटनाक्रमों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक बाजार में यह अस्थिरता बनी रहेगी। Edited by : Sudhir Sharma