RBI Monetary Policy 2026 : भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति का एलान करते हुए रेपो रेट 5.25% पर यथावत रखा। GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाया गया है, MSME के लिए बिना गारंटी लोन सीमा 20 लाख हुई और डिजिटल फ्रॉड पीड़ितों को 25,000 रुपये तक मुआवजा देने का फ्रेमवर्क जल्द आएगा। जानिए क्या है आरबीआई की मौद्रिक नीति में खास?
नहीं बदली रेपो दर: आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। एमपीसी ने अपना रुख 'तटस्थ' बनाए रखा है।
जीडीपी अनुमान में बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2027 की पहली (Q1) और दूसरी (Q2) तिमाही के लिए जीडीपी विकास दर के अनुमान को संशोधित कर बढ़ा दिया गया है, जो अब क्रमशः 6.9% और 7% रहने की उम्मीद है।
क्या है महंगाई का हाल
चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 2.1% रहने का अनुमान है। वहीं, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इसके 4% और दूसरी तिमाही में 4.2% रहने की संभावना है। कीमती धातुओं को छोड़कर, अंतर्निहित मुद्रास्फीति दबाव शांत बने हुए हैं।
डिजिटल फ्रॉड पर सुरक्षा कवच
डिजिटल धोखाधड़ी में नुकसान होने पर ग्राहकों को 25,000 रुपये तक के मुआवजे के लिए जल्द ही एक फ्रेमवर्क लाया जाएगा। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए विशेष उपाय प्रस्तावित किए गए हैं।
MSME क्षेत्र को बड़ी राहत
MPC ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए बिना गारंटी वाले ऋण की सीमा को दोगुना कर 20 लाख रुपए कर दिया गया है।
NBFC को नियमों में ढील
बैंकों को अब रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स को ऋण देने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, कुछ प्रकार की एनबीएफसी के लिए शाखा खोलने के नियमों में ढील दी जाएगी।
विदेशी मुद्रा भंडार
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर के बेहद मजबूत स्तर पर है।
निर्यात और खपत पर क्या बोला RBI: गवर्नर ने कहा कि व्यापार समझौते निर्यात को बढ़ावा देंगे। इसके साथ ही, जीएसटी सुधार, मौद्रिक सुगमता और कम महंगाई निजी खपत को सहारा देंगे।
edited by : Nrapendra Gupta