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सूर्यकुमार की छुट्टी? ‘रेडीमेड कप्तान है यह खिलाड़ी, 2022 से 2026 तक… हर बड़े मैच का हीरो

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33 गेंद… 93 रन… 5 चौके… 9 आसमानी छक्के… और 281.81 का खतरनाक स्ट्राइक रेट!
धर्मशाला की ठंडी रात में रजत पाटीदार ने ऐसा तूफान उठाया कि गुजरात टाइटंस की पूरी टीम उड़ गई। आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान ने सिर्फ मैच नहीं जीता, बल्कि टीम इंडिया के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दे दी। RCB लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार आईपीएल फाइनल में पहुंच चुकी है, और इस सफर के सबसे बड़े हीरो बने हैं रजत पाटीदार। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं कि उन्हें टीम इंडिया में मौका मिलना चाहिए या नहीं… सवाल ये है कि क्या भारत को सूर्यकुमार यादव के बाद अपना अगला टी20 कप्तान मिल चुका है?
 
रजत सिर्फ रन नहीं बना रहे, वो मैच की दिशा बदल रहे हैं। जिस तरह उन्होंने विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल के आउट होने के बाद दबाव को मौके में बदला, उसने बता दिया कि ये खिलाड़ी बड़े मंच के लिए बना है। यही वजह है कि अब क्रिकेट एक्सपर्ट्स से लेकर फैंस तक हर कोई कह रहा है—“रजत पाटीदार को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
 
 

 
 1. मिडिल ऑर्डर का सबसे खतरनाक मैच फिनिशर
 
टीम इंडिया लंबे समय से ऐसे बल्लेबाज की तलाश में है जो नंबर 4 या 5 पर आते ही मैच का टेम्पो बदल दे। रजत पाटीदार वही खिलाड़ी साबित हो रहे हैं।
 
आईपीएल 2026 में उनका स्ट्राइक रेट 200 के करीब रहा। वो उन बल्लेबाजों में नहीं हैं जो 30-40 गेंदें खेलकर सेट होते हैं। रजत आते ही गेंदबाजों पर हमला बोलते हैं। गुजरात के खिलाफ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन की पारी हो, मुंबई के खिलाफ 20 गेंदों में 53 रन, लखनऊ के सामने 31 गेंदों में 61 या राजस्थान के खिलाफ 63 रन—हर बार उन्होंने दिखाया कि दबाव उन्हें डराता नहीं, बल्कि और खतरनाक बना देता है।
 
सबसे खास बात ये है कि वो पावरप्ले की आक्रामकता को मिडिल ओवर्स तक खींच ले जाते हैं। आधुनिक टी20 क्रिकेट में यही सबसे बड़ी कला मानी जाती है।
 
 
 2. कप्तानी में शांत दिमाग, फैसलों में आक्रामक सोच
 
आईपीएल जैसी हाई-प्रेशर लीग में कप्तानी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब सामने विराट कोहली जैसी बड़ी मौजूदगी हो। लेकिन रजत पाटीदार ने पूरे सीजन जिस परिपक्वता से आरसीबी को संभाला, उसने सबको प्रभावित किया। आरसीबी का बैक-टू-बैक फाइनल में पहुंचना सिर्फ बल्लेबाजी का नहीं, बल्कि शानदार नेतृत्व का भी परिणाम है। रजत मैदान पर ज्यादा शोर नहीं मचाते, लेकिन उनके फैसले बहुत कुछ बोलते हैं। गेंदबाजी बदलाव हो या फील्ड सेटिंग, उन्होंने हर मौके पर मैच पढ़ने की क्षमता दिखाई।
 
टीम इंडिया फिलहाल ऐसे कप्तान की तलाश में है जो शांत भी हो और निडर भी। रजत दोनों बॉक्स टिक करते हैं। यही वजह है कि उन्हें “रेडीमेड कप्तानी विकल्प” कहा जा रहा है।
 
 
 
 3. बड़े मैचों के खिलाड़ी, दबाव में और खतरनाक
 
हर खिलाड़ी लीग मैचों में रन बना सकता है, लेकिन असली सुपरस्टार वही होता है जो नॉकआउट में चमके। रजत पाटीदार बार-बार यही साबित कर चुके हैं।
 
IPL 2022 Eliminator में उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 54 गेंदों में नाबाद 112 रन ठोके थे। उस पारी ने पहली बार पूरे देश को एहसास कराया था कि आरसीबी को एक एक्स-फैक्टर बल्लेबाज मिल चुका है। अब आईपीएल 2026 के क्वालिफायर में 33 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी ने साबित कर दिया कि 2022 कोई फ्लूक नहीं था। जब मंच बड़ा होता है, तब रजत का खेल और बड़ा हो जाता है। यही वो क्वालिटी है जो किसी खिलाड़ी को सिर्फ अच्छा बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैच विनर और लीडर बनाती है।

 4. स्पिन के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा हथियार
 
मौजूदा समय में भारतीय बल्लेबाज विदेशी स्पिनर्स के खिलाफ संघर्ष करते नजर आते हैं। लेकिन रजत पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत ही स्पिन अटैक को तहस-नहस करना है। वो फ्रंट फुट पर निकलकर छक्के मारते हैं, बैकफुट पर कट खेलते हैं और मिडिल ओवर्स में रनरेट कभी गिरने नहीं देते।
धर्मशाला में कागिसो रबाडा की ऑफ स्टंप के बाहर पड़ी गुड लेंथ गेंद को कवर स्टैंड के ऊपर पहुंचाना उनकी रेंज और आत्मविश्वास दिखाने के लिए काफी था।
 
टी20 क्रिकेट अब सिर्फ तकनीक का नहीं, इंटेंट का खेल बन चुका है। और रजत का इंटेंट हर गेंद पर दिखाई देता है।
 
 अब और इंतजार क्यों?
 
रजत पाटीदार कोई “वन सीजन वंडर” नहीं हैं।
वो भारत के लिए टेस्ट (3) और वनडे (1) खेल चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश को रणजी ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। आईपीएल में लगातार असर छोड़ रहे हैं। कप्तानी का अनुभव भी है और बड़े मैचों का टेंपरामेंट भी। सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 क्रिकेट को नई दिशा दी, लेकिन अब टीम इंडिया को अगले टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक साइकल के लिए नया चेहरा तैयार करना होगा।
 
और अगर मौजूदा फॉर्म, कप्तानी, मैच-विनिंग क्षमता और दबाव झेलने की ताकत को देखा जाए…
तो शायद भारतीय क्रिकेट के पास जवाब पहले से मौजूद है
 
नाम है… रजत पाटीदार।

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