Publish Date: Sun, 31 May 2026 (13:47 IST)
Updated Date: Sun, 31 May 2026 (14:10 IST)
हाल के समय में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी और आत्मविश्वास से क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनके प्रदर्शन को देखते हुए कई लोग उन्हें जल्द से जल्द भारतीय टेस्ट टीम में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास में जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए।
तेंदुलकर का मानना है कि वैभव में असाधारण क्षमता है और भविष्य में वह टेस्ट क्रिकेट में भी सफल हो सकते हैं, लेकिन उनके विकास की प्रक्रिया को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने देना चाहिए। युवा खिलाड़ियों पर अपेक्षाओं का अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय उन्हें अपने खेल को निखारने का पर्याप्त समय और अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका आत्मविश्वास और खेल को पढ़ने की क्षमता है। ऐसे खिलाड़ियों के साथ अत्यधिक तकनीकी हस्तक्षेप कभी-कभी उनके स्वाभाविक खेल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए फिलहाल उन्हें उसी अंदाज में खेलने देना बेहतर होगा, जिसने उन्हें पहचान दिलाई है।
वैभव की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए तेंदुलकर ने कहा,
"आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें बहुत कुछ खास है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसमें मुझे बहुत इंप्रेस किया। मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वह सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते ह।"
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में चयन को लेकर उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उनका मानना है कि वैभव को अभी अपने खेल को और निखारने का समय मिलना चाहिए ताकि वह भविष्य में सभी प्रारूपों में सफल हो सकें।
तेंदुलकर ने कहा,
"वैभव को भारतीय टेस्ट टीम में क्या जल्द ही चुना जाना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वह भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट में खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वह चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे।"
"वैभव एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बहुत आत्मविश्वासी हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं वह शानदार है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।"
तेंदुलकर की बातों से साफ है कि वैभव सूर्यवंशी को लेकर उत्साह जितना बड़ा है, उतनी ही जरूरी उनके विकास की सही दिशा भी है। अगर उन्हें बिना अनावश्यक दबाव के आगे बढ़ने दिया गया, तो भारतीय क्रिकेट को आने वाले वर्षों में एक बेहद खास बल्लेबाज मिल सकता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि वैभव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और निरंतर अवसर मिलने पर वे लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा कर सकते हैं। फिलहाल, फोकस उनके खेल को और मजबूत बनाने पर होना चाहिए ताकि जब भी उन्हें टेस्ट टीम में मौका मिले, वे पूरी तरह तैयार नजर आएं।
भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar ने 15 नवंबर 1989 को Pakistan national cricket team के खिलाफ कराची में अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया था। सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण गेंदबाजी आक्रमणों का सामना कर अपनी प्रतिभा की झलक दिखा दी थी।
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े:
16 पारियां
776 रन
औसत: 48.50
स्ट्राइक रेट: 237.31
72 छक्के
684 रन सिर्फ बाउंड्री से
4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड
एलिमिनेटर में 97 (29)
क्वालिफायर-2 में 96 (47)
About Writer
कृति शर्मा
कृति शर्मा एक पैशनेट स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और डिजीटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें वेबदुनिया के साथ लगभग 3 साल का अनुभव है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने पॉकेट एफएम में स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर की थी। इंदौर के रेनैसां कॉलेज से BAJMC और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म....
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