आईपीएल के चौथे सत्र की शुरुआत इससे बेहतर नहीं हो सकती थी। चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइटराइडर्स ने टूर्नामेंट का जोरदार आगाज किया जिसमें गत चैंपियन टीम 2 रनों से जीती। हालाँकि मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि नाइटराइडर्स ने विपक्षी टीम को तोहफा दिया। वह जीत दर्ज करने की बेहतर स्थिति में थे लेकिन इसके बाद दो करीबी रन आउट ने पूरा मैच ही बदल दिया।
गौतम गंभीर के बल्लेबाजी क्रम में इतने नीचे आने से एकमात्र मैं ही अचरज में नहीं हूँ। वे न केवल टीम के कप्तान हैं बल्कि वे इस मैच में विश्वकप के फाइनल में शानदार पारी खेलकर आए हैं। उन्हें आगे बढ़कर यह जिम्मेदारी लेनी थी और तीसरे क्रम पर आना चाहिए था।
नाइटराइडर्स ने तीन महत्वपूर्ण कैच भी छोड़े जिससे एक बार फिर ट्वेंटी-20 क्रिकेट में क्षेत्ररक्षण की महत्ता साबित हुई है। कैच नहीं लपकते या रन रोकने में असफल रहने से आप खुद अपने लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के सपोर्ट स्टाफ का सदस्य होने से मैं जानता हूँ कि हम क्षेत्ररक्षण पर कितना जोर दे रहे हैं। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और विपक्षी टीम की खामी और मजबूती को लेकर काफी रणनीति बनती है लेकिन मेरी राय में ट्वेंटी-20 फॉर्मेट में क्षेत्ररक्षण एक अहम क्षेत्र है। हमारे समूह में हर कोई रन बचाने के महत्व को समझता है।
एक और पक्ष है गेंदबाजी के दौरान अतिरिक्त रन दिए जाना। हमने नेट्स के दौरान नोबॉल को कम करने पर काफी जोर दिया है। अतिरिक्त गेंद विशेषकर नोबॉल से गेंदबाज पर दबाव बढ़ जाता है क्योंकि इससे न केवल अतिरिक्त रन और गेंद मिलती हैं बल्कि आप बल्लेबाज को आउट भी नहीं कर सकते। बतौर गेंदबाज आपको जल्द से जल्द ट्वेंटी-20 क्रिकेट में खुद को ढालना जरूरी है।
हाँ यहाँ सभी कुछ बल्लेबाज के पक्ष में है लेकिन आपको इसे चुनौती के रूप में लेना चाहिए। साथ ही मानसिक तौर पर भी आपको इसके लिए तैयार रहने की जरूरत है।