भोपाल। सरकार में लंबे समय से पद की आस लगाए बैठे मध्यप्रदेश भाजपा नेताओं का इंतजार अब मकर संक्रांति पर खत्म हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब जल्द ही निगम मंडलों में नियुक्ति के लिए नामों की पहली सूची को जारी कर सकते है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी निगम मंडल में जल्द होने जा रही नियुक्ति की खबरों पर अपनी मोहर लगा दी है। रतलाम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सूची तैयार हो गई है और अब बहुत जल्द जारी होगी। वहीं सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में निगम मंडल में नियुक्तियों और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भाजपा हाईकमान से हरी झंडी मिल चुकी है और अब निगम मंडलों की पहली सूची अब जल्द जारी हो सकती है।
निगम मंडल में बड़े चेहरों को मिलेगी जगह-निगम मंडल की पहली सूची में एक दर्जन से अधिक चेहरों के नाम शामिल किए जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि निगम मंडलों में पार्टी के सीनियर नेताओं को एडजस्ट किया जाएगा। अगर निगम मंडलों में संभावित नामों पर चर्चा करे तो कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत, पूर्व मंत्री इमरती देवी, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया के साथ महेंद्र यादव का नाम भी शामिल है।
कांग्रेस से भाजपा में आने वाले रामनिवास रावत श्योपुर विधानसभा चुनाव हार चुके है, ऐसे में पूरी संभावना है कि उनको निगम मंडल में जगह दी जाएगी और अच्छा निगम दिया जाएगा। वहीं सिंधिया खेमे से आने वाली पूर्व मंत्री इमरती देवी डबरा से विधानसभा चुनाव हार चुकी है और वह पहले भी निगम मंडल में रह चुकी है। इसके अलावा पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया भी 2023 का चुनाव अटेर विधानसभा चुनाव से हार चुके है तो उनको निगम मंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही भोपाल से आने वाले पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और महाकौशल से आने वाले अंचल सोनकर का नाम निगम मंडल के दावेदारों में प्रमुख है।
इसके साथ ही भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में जगह नहीं पाने वाले नेताओं को भी निगम मंडल में एडजस्ट किया जाएगा। जिसमें कमल पटेल,आशुतोष तिवारी, विनोद गोटिया, राकेश गिरी, शिशुपाल यादव, महेंद्र सिंह सिसौदिया जैसे चेहरों को निगम मंडल में जगह मिल सकती है। इसके साथ ही कुछ सीनियर नेताओं को प्राधिकरणों का जिम्मा दिया जा सकता है। इनमें शैलेंद्र कुमार जैन, प्रदीप लारिया, अजय बिश्नोई के साथ पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस का नाम शामिल है।
बजट सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना- वहीं सरकार के दो साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते है। बजट सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार में कैबिनेट में शामिल वरिष्ठ चेहरों के स्थान पर नए चेहरे लाकर 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए नई टीम तैयार हो सकती है। इसके साथ ही मंत्रियों के परफॉर्मेंस का ऑडिट कर खराब प्रदर्शन करने वाले कुछ चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।