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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट का किया शुभारंभ

वन्यजीव और मनुष्य के बीच निर्भयता का माहौल बनाने में वनकर्मियों की भूमिका सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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हमें फॉलो करें Chief Minister Dr. Mohan Yadav inaugurated the Forestry Conference and IFS Meet

विकास सिंह

, शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 (17:41 IST)
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यादव ने शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग के आई.एफ.एस. थीम सॉन्ग तथा उसके वीडियो प्रसारण का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्ति अधिकारी और प्रदेश के पूर्व पीसीसीएफ श्रद्धेय डॉ. पी.बी. गंगोपाध्याय को प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में उनके योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 प्रदान किया। यह अवार्ड श्रद्धेय गंगोपाध्याय जी की पत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने प्राप्त किया। 
 
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के वन विभाग की गतिविधियों और प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते का पुनर्स्थापना वन विभाग की दक्षता से ही संभव हो पाया है। चंबल में घड़ियाल और नर्मदा जी में मगरमच्छ छोड़ने का अनुभव अद्भुत रहा। वन वन्य जीव और क्षेत्रीय रहवासियों के बीच निर्भयता के संबंध वन विभाग की सेवाओं से ही संभव हो पाए। राज्य सरकार असम से वन्यजीवों को लाने के लिए प्रयास कर रही है। वन्यजीवों के संरक्षण में प्रदेश की जल संरचनाओं की भी बड़ी भूमिका है। वन विभाग की गतिविधियों का विस्तार  नभ,  थल, जल सभी ओर है। आईएफएस मीट प्रोफेशनल संवाद के साथ ही पारिवारिक आतमीयता और  सहयोगी संबंधों को मजबूत करने का भी अवसर है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में आईएएस, आईपीएम एवं अब आईएफएस मीट का आयोजन एक सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विभाग के वर्तमान अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बहुत कुछ सीखते हैं। भारतीय संस्कृति में वनों के साथ हमारा विशेष संबंध है। सनातन संस्कृति के चार आश्रमों की व्यवस्था में गृहस्थ के बाद हम वानप्रस्थ आश्रम में वनों की महत्ता को समझते हैं।
 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वन अधिकारी-कर्मचारी जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीण परिवारों के लिए एक प्रकार से सहयोगी और मार्गदर्शन के रूप में भी काम करते हैं। वन विभाग के अधिकारी वनग्रामों के लिए सभी जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखते हैं। प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभ्यारण्य के कोर एरिया और बफर जोन के बीच तार फेंसिंग की शुरुआत सराहनीय है, जिससे वन्यजीवों के साथ रहवासियों को भी सुरक्षित वातावरण मिलेगा। प्रदेश सरकार वन विभाग के अधिकारियों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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