मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बुधवार को भाजपा मुख्यालय में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह लाई गई नई ग्रामीण रोजगार नीति 'VB-G RAM G' योजना को ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता में गरीब, युवा, किसान और महिलाएं हैं। 'जी राम जी' योजना ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण और आय सुरक्षा को मजबूत करेगी।"
'जी राम जी' योजना में 125 दिन का रोजगार- मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा मनरेगा में जहां 100 दिन का रोजगार मिलता था वहीं नई योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी। नई योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैतनिक रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि VB-GRAMG को हम कृषि क्षेत्र के साथ ही लघु उद्योग, MSME में भी जोड़ सकते हैं। आज हमारा सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। इसके साथ ही हम दुग्ध उत्पादन, गौपालन में भी आगे बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री के दूरगामी निर्णयों के कारण आज विश्व हमारी ओर देख रहा है। जीरामजी में काफी संभावनाएं हैं, जिसका लाभ हमको मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 40% वित्तीय हिस्सेदारी देने में पूरी तरह सक्षम है। केंद्र और राज्य के बीच इसका फंड अनुपात 60:40 रहेगा।सीएम ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत 50% कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा तय किए जाएंगे, जिससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी। विपक्षी पार्टी बिना बिना किन्ही तथ्यों के भ्रम फैला रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को 'किसान वर्ष' के रूप में मनाएगी। इसके लिए जल्द ही एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी और कृषि विशेषज्ञों के साथ मिलकर किसानों के उत्थान के लिए भविष्य के ठोस निर्णय लिए जाएंगे। जिस प्रकार हमने वर्ष-2024 को नारी वर्ष एवं वर्ष-2025 को उद्योग-रोजगार वर्ष घोषित किया था, ठीक उसी प्रकार हमने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है।इस वर्ष हम सभी विभागों, दलों ओर कृषि क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठनों, व्यक्तियों के साथ मिलकर किसान कल्याण के लिए कार्य करेंगे।हमने निर्णय लिया है कि हर जिले में स्टाल्स के माध्यम से किसानों के प्राकृतिक उत्पाद आम जन को उपलब्ध कराएँगे, इसके साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहन देने हेतु अनुदान भी देंगे।
हाल ही में इंदौर में दूषित पानी की घटना पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने फिलहाल पीएम रिपोर्ट के आधार पर संख्या तय की है, लेकिन नगर निगम के मृत्यु पंजीयन आंकड़ों के आधार पर प्रभावितों को उचित राहत राशि दी जाएगी।