भोपाल। सरकार ने भले ही पैसों से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग पर देश में प्रतिबंध लगा दिया हो लेकिन अब भी युवा ऑनलाइन गेमिंग में फंस कर लाखों रूपए गवांने के बाद आत्महत्या कर रहे है। ताजा मामला राजधानी भोपाल के अयोध्या नगर इलाके का है जहां ऑनलाइन गेमिंग में 30 लाख रुपये गंवाने के बाद एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर ने मौत को गले लगा लिया। पुलिस के मुताबिक शिवान गुप्ता जो पेशे से सिविल कॉन्ट्रेकटर थे उन्होंने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले शिवान ने एक सुसाइड नोट लिखा जिसमें ऑनलाइन गेम एविएटर में 30 लाख रूपए हारने के बाद सुसाइड की बात कही।
सुसाइड नोट में शिवान ने लिखा ऑनलाइन एविएटर गेम में करीब 30 लाख रुपये गंवा दिए थे. यह पैसा उन्होंने कई लोगों से उधार और कर्ज के तौर पर लिया था। पुलिस ने शिवन का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है. पुलिस ने 'एविएटर' गेम का सिस्टम समझने के लिए साइबर सेल के एक्सपर्ट्स से संपर्क किया है. यह पता लगाया जाएगा कि इसमें किस तरह से पैसा निवेश किया जाता है और इसमें कोई अवैध गिरोह एक्टिव है या नहीं। बताया जा रहा है शिवान ऑनलाइन गेम में 30 लाख हारने के बाद बेहद परेशान और तनाव में थे। कर्ज के बोझ तले दबे और कर्जदारों को लगातार दबाव बनाने के चलते उन्होंने सुसाइड जैसा घातक कदम उठा लिया।
ऑनलाइन गैंबलिंग कितना खतरनाक?-ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में जुएं और सट्टेबाजी पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र सरकार कानून बना चुकी है और अब यह देश में लागू भी है। एक अध्ययन के मुताबिक में भारत में 20 वर्ष से कम आयु के 40 फीसदी युवा ऑनलाइन गेमिंग की लत के शिकार है। वहीं ऑनलाइन गेम्स की लत के कारण बच्चे भी आत्मघाती कदम उठा रहे है। एक अनुमान के मुताबिक देश में 50 करोड़ से अधिक लोग विभिन्न प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन गेम्स खेलते थे वहं देश में बहुत बड़ी संख्या में ऑनलाइन गैंबलिंग की लत के कारण लोग कर्जदार होने के कारण आत्महत्या जैसे कदम भी उठा रहे। ऑनलाइन गेम्स की चपेट में सबसे अधिक युवा है। ऑनलाइन गेमिंग के चलते बड़ी संख्या में लोग साइबर फ्रॉड के शिकार भी हुए है। आज ऑनलाइन गैंबलिंग के एप्स को डाउनलोड करना और उसका उपयोग करना बहुत आसान है तब युवा इस ओर तेजी से आकर्षित हो रहे है।