Publish Date: Tue, 10 Mar 2026 (16:43 IST)
Updated Date: Tue, 10 Mar 2026 (16:51 IST)
भोपाल। ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच छि़ड़े भीषण युद्ध का असर अब भारत पर पड़ने लगा है। तेल उत्पादक इन देशों के युद्ध के जद में आने और बड़ी तेल रिफाइनरी पर अटैक का सीधा असर तेल प्रोडक्शन और उसके एक्सपोर्ट पर पड़ रहा है। युद्ध के लंबा खींचने के अंदेशा और वैश्विक संकट को देखते हुए सरकार ने गैस को लेकर कई तरह की पाबंदी लागू की है। मध्यप्रदेश के कई जिलों में रसोई गैस को लेकर पैनिक का माहौल देखने को मिल रहा है। गैस एजेंसियों पर बुकिंग के कई दिनों के बाद भी रसाई गैस नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल औग गैस की आपूर्ति की समीक्षा की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था में कहीं किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं है। सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा क किसी को भी गैस या तेल आपूर्ति के लिए परेशान या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रदेश में बेहतर से बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परिस्थितियों पर गहनता से नजर बनाए हुए हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में देश के साथ मध्यप्रदेश में भी कहीं कोई आपूर्ति संबंधित दिक्कत नहीं है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विश्व और देश के समक्ष उपजी परिस्थितियों और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय मंत्री और अधिकारियों की समिति प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करेगी और आपूर्ति बहाल रखने के लिए सभी कदम उठाएगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे या वर्क वीजा पर गए या पर्यटन के लिए गए भारतीय नागरिकों, विशेषकर मध्यप्रदेश के निवासियों की स्वदेश वापसी के लिए मध्यप्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के सम्पर्क में है। राज्य सरकार से हेल्पलाइन के जरिए अब तक 255 लोगों ने संपर्क किया है, जिनकी सकुशल स्वदेश वापसी के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
विकास सिंह
Publish Date: Tue, 10 Mar 2026 (16:43 IST)
Updated Date: Tue, 10 Mar 2026 (16:51 IST)