Publish Date: Mon, 06 Apr 2026 (18:08 IST)
Updated Date: Mon, 06 Apr 2026 (18:16 IST)
भोपाल। 'लहू देकर तिरंगे की बुलंदी को संवारा है, फरिश्ते तुम वतन के हो, तुम्हें सज़दा हमारा है...।' रोमांच-जोश-जज्बा-जुनून और उत्साह। 6 अप्रैल का दिन देशभक्ति के नाम रहा। एनएसजी कमांडोज ने न केवल आतंकवादियों को मार गिराया, बल्कि बंधकों को भी उनसे छुड़ा लिया। कमांडोज ने स्पाइडर मैन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इमारत को घेरा और विस्फोट किया। इतना ही नहीं, उनके K-9 के असॉल्ट डॉग ने आतंकी को जमीन पर गिराया और उसकी राइफल ले भागा।
इसके अलावा कमांडोज ने और भी कई हैरतअंगेज करतब दिखाए। इनमें रिंग ऑफ फायर, टाइल ब्रेकिंग, ब्लॉक ब्रेकिंग शामिल थे। जवानों ने इस दौरान मिक्स मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया। K-9 जोरो ने अपनी कुशलता से लोगों को हैरान कर दिया। आतंकियों के लिए खतरनाक इस श्वान ने जवान के साथ कदम से कदम मिलाकर साथ दिया और आतंकवादियों को ढूंढने में मदद की। K-9 के रोजर ने बम स्क्वाड टीम के साथ विस्फोटक का पता लगाया। उसने संदिग्ध वस्तु के पास बैठकर टीम को सावधान किया। उसके बाद टीम ने एक्स-रे मशीन का इस्तेमाल कर बम को निष्क्रिय कर दिया।
मौका था मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित समग्र क्षमता निर्माण प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण का। इसका आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कमांडोज की तुलना बजरंगबली से की। इस दौरान उन्होंने बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा उन्होंने कहा कि सीटीजी (काउंटर टेरेरिज्म ग्रुप) बनाने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की जो डीपीआर तैयार है, उस पर मध्यप्रदेश सरकार काम करने के लिए तैयार है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे एनएसजी कमांडोज ने जो अपनी क्षमता-योग्यता-बुद्धिमत्ता-निडरता-निर्भयता का अहसास कराया है, वह अद्भुत है। हमें इन पर गर्व है। भारत के ये एनएसजी कमांडोज देश का मान-सम्मान बढ़ा रहे हैं। ये दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के सामने भारत की विशेष पहचान बन रही है।
उन्होंने कहा कि 1984 में बने इस एनएसजी ने उस दौर में कुशलता दिखाई, जब इस 1990 के दशक में हमारे देश के प्रधानमंत्री अपने घर में ही सुरक्षित नहीं थे। स्वर्गीय राजीव गांधी उदाहरण हैं। सार्वजनिक स्थान पर उन्हें माला पहनाते-पहनाते दुर्दांत घटना का शिकार हो गए। ऐसी स्थिति में हमारे सशस्त्र बलों ने अपने बल-पराक्रम-पुरुषार्थ से सुरक्षा दी।
भारत का सुरक्षा कवच है एनएसजी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एनएसजी भारत का सुरक्षा कवच है। जब भी देश का पाला किसी संकट से पड़ता है, तब एनएसजी कमांडर न केवल हमें सुरक्षा देता है, बल्कि निर्भयता भी देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारी सेना दुश्मन के घर में घुसकर आतंकवादियों को मारती है। उन्होंने कहा कि आज इसी मजबूती की आवश्यकता है। हम किसी को छेड़ते नहीं, हम किसी को परेशान नहीं करते, लेकिन अगर कोई हमारे देश को कष्ट देने आएगा, छेड़ने आएगा, तो वो जमीन में गाड़ दिया जाएगा। हमारे सशस्त्र बलों ने हमें यह विश्वास दिलाया है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि सुरक्षा बलों का यह संयुक्त अभ्यास संकल्प से सिद्धि का अभियान है। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा सर्वे भवन्तु सुखिनः की बात की है, लेकिन वेदों ने भी कहा है कि जो जिस भाषा को समझता हो, उसे उसी भाषा में जवाब देना चाहिए। अपराध-आतंकवाद-नक्सलवाद इनका इस धरती पर कोई महत्व नहीं है। इसलिए जवानों को प्रशिक्षण देने के मामले में भी मध्यप्रदेश सरकार कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
आतंकवाद से साथ मिलकर लड़ेंगे-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हमने एक बहुत बड़े उद्देश्य की प्राप्ति की है। करीब 35 साल से ज्यादा समय से जिस नक्सलवादी आंदोलन ने मध्यप्रदेश को त्रस्त कर दिया था, वह अब नष्ट हो चुका है। मध्यप्रदेश नक्सलवाद से मुक्त राज्य है। यह सब हमारे बलों के कारण ही हुआ है। उन्होंने कहा कि आज एनएसजी के करतब देखकर भोपाल की धरती धन्य हो गई है। जब हेलीकॉप्टर से जवान जा रहे थे, तो ऐसा लगा जैसे बजरंगबली जा रहे हों। हमने स्पाइडर मैन केवल पिक्चरों में देखा था, लेकिन कमांडोज ने हमें सामने से वैसा दृश्य दिखाया। गजब करते हैं हमारे कमांडोज।
उन्होंने कहा कि कालभैरव के गणों यानी श्वानों ने भी गजब कर दिया। हमारे श्वान भी देश की उसी तरह रक्षा कर रहे हैं, जैसे हमारे जवान। मैं मध्यप्रदेश सरकार की ओर से आप सभी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि सीटीजी (काउंटर टेरेरिज्म ग्रुप) बनाने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की जो डीपीआर तैयार है, उस पर मध्यप्रदेश सरकार काम करने के लिए तैयार है। मैं घोषणा करता हूं कि आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए भोपाल के पास तुमड़ा की भूमि हम पर ये सेंटर बनाएंगे। इसके माध्यम से देश सेवा के लिए अपनी सफल भूमिका निभाएंगे।