मंदसौर में नटराजन और सिंधिया समर्थक कांग्रेसियों में जमकर चले लात घूंसे (वीडियो)

मंदसौर में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। यह बवाल उस समय हुआ जब मंदसौर में राहुल गांधी की करीबी राजीव गांधी पंचायत राज संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष मीनाक्षी नटराजन समर्थक और ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक आपस में भिड़ गए।

दोनों के समर्थकों में जमकर लात-घूंसे चले सबसे खास बात यह रही की यह पूरा हंगामा उस समय हुआ जब मीनाक्षी नटराजन जिला कांग्रेस दफ्तर में कांग्रेस कार्यकर्ताओ की बैठक लेने आई थीं और वे उस समय वहां मौजूद थीं।
विधानसभा चुनाव के बाद शुक्रवार को पहली बार मंदसौर जिले के तमाम कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाई गई थी, जिसको पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन संबोधित करने वाली थीं, लेकिन बैठक शुरू होते ही बवाल हो गया। यह बवाल उस समय हुआ जब सिंधिया समर्थक और मल्हारगढ़ विधानसभा से चुनाव हारे कांग्रेस प्रत्याशी परशुराम सिसौदिया ने इस बात पर एतराज किया कि बैठक में मल्हारगढ़ के कांग्रेस नेता और नटराजन समर्थक श्यामलाल जोकचंद को क्यों आने दिया।

गौरतलब है कि जोकचंद पूर्व में दो बार चुनाव हार चुके हैं और तीसरी बार भी दावेदारी कर रहे थे, लेकिन टिकट सिंधिया समर्थक परशुराम सिसौदिया को मिला लेकिन वे भी चुनाव हार गए। उनका आरोप है की जोकचंद ने भितराघात किया और भाजपा को वोट करवाया, इसलिए उन्हें पार्टी से निष्काषित किया जाए।

आज जब जोकचंद बैठक में पहुंचे तो परशुराम समर्थकों ने आपा खो दिया और जोकचंद के खिलाफ आक्रोशित हो गए। इसी दौरान कहा-सुनी के बीच परशुराम समर्थक और जोकचंद समर्थक भिड़ गए इनमें जमकर लात-घूंसे चले।
 
 
इस पूरे मामले में परशुराम सिसौदिया से जब बात की गई तो उनका कहना था जोकचंद के खिलाफ भितरघात के पर्याप्त सबूत हैं। हमारे पास ऑडियो, वीडियो और सीडी है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार जगदीश देवड़ा को वोट दिलवाए। हमारी मांग है कि उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्काषित किया जाए। ऐसे में यदि वे पार्टी की बैठक में आएंगे तो गुस्सा तो भड़केगा, वहीं यह पूरा हंगामा देख रही पूर्व सांसद नटराजन ने कहा कि समझाइश देंगे। यह बातें पार्टी फोरम पर करने की हैं। मैं इस पर सार्वजनिक रूप से कोई टिपण्णी नहीं करूंगा। 
 

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी

विज्ञापन
जीवनसंगी की तलाश है? तो आज ही भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

LOADING