विधानसभा छलका कैलाश विजयवर्गीय का दर्द, कहा CM सूट-बूट में आए, हम गरीबों जैसे
मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में विजय 2047 पर चर्चा
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के 69 साल पूरे होने पर बुधवार को विधानसभा का विशेष सत्र हो रहा है। आज सदन में चर्चा की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प पेश किया, जिस पर सदन में विशेष चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी सरकार के दो साल के कामकाज का ब्यौरा रखते हुए आगामी कार्ययोजना के बारे में सदन को जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 2 साल में सरकार ने ऐसे दूरगामी निर्णय लिए हैं, जो आने वाले समय में माइलस्टोन के रूप में याद किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सदन में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि नक्सलवाद को ध्वस्त किया गया, अवैध हथियार फैक्ट्रियां बंद की गईं और मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने का फैसला लिया गया है. उन्होंने 2047 के विजन डॉक्यूमेंट को गीता की तरह मानकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
वहीं चर्चा के दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक घंटे से अधिक लंबे चले अपने भाषण में में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों के प्रदेश के विकास में किए गए योगदान को याद करते हुए वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर के पहनावे को लेकर टिप्पणी की। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री सूट-बूट में आए और हम मंत्री विधायक लोग गरीबों जैसी वेशभूषा में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी अपने मंत्रियों और टीम का भी ध्यान रखिए। इस दौरान कैलाश विजयर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तुलना क्रिकेटर सूर्यकुमार से भी कर डाली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव टी-20 स्टाइल में तबाड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहा है।
वहीं कैलाश विजयवर्गीय के मुख्यमंत्री के सूट-बूट पर टिप्पणी और आसंदी से मुख्यमंत्री को निर्देशित करने के अनुरोध पर कांग्रेस ने तंज कसा है। कांग्रैस विधायक महेश परमार ने कहा कि आज दिल की बात जुबां पर आ गई। कहीं न कहीं यह दर्द और पीड़ा है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्री-विधायकों पर ध्यान नहीं दे पा रहे है। वहीं सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने भी कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी को लेकर तंज कसा।
इससे पहले सदन की बैठक शुरु होते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आसंदी ने कहा कि इस साल वंदे मातरम् के 150 साल पूरे हुए हैं और मध्यप्रदेश को खुशहाल बनाने के उद्देश्य से यह विशेष सत्र बुलाया गया है. उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी और लगभग 10 साल बाद ऐसा विशेष सत्र हो रहा है।
मनरेगा के नाम बदलने पर कांग्रेस का हंगामा- वहीं इससे पहले आज सदन की कार्यवाही शुरु होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने मनरेगा का नाम बदलने को लेकर जमकर हंगामा किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों ने मनरेगा का नाम बदलने को लेकर प्रदर्शन करते हुए कहा कि एक ओर सरकार महात्मा गांधी की पदचिन्हों पर चलने की तो बात करती है पर उनके नाम पर योजनाएं संचालित हो रही हैं उन्हें बदल रही है, इससे साफ होता है कि वास्तव में यह लोग गांधी उपासक नहीं है. कांग्रेस इस तरह के कृत्य को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. आपने प्रधानमंत्री आवास प्रधानमंत्री जन धन योजना सहित तमाम नाम रखे हमने विरोध नहीं किया, लेकिन यदि आप महात्मा गांधी के नाम से संचालित की जा रही योजनाओं को नाम बदलेंगे तो बर्दाश्त नहीं होगा।