मध्यप्रदेश बजट में महिला सशक्तिकरण पर फोकस, लाड़ली बहनों के लिए 23 हजार करोड़ के साथ महिला एवं बाल विकास बजट में 26 फीसदी की वृद्धि
बजट में महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण को मिला ऐतिहासिक बढ़ावा
Publish Date: Wed, 18 Feb 2026 (16:55 IST)
Updated Date: Wed, 18 Feb 2026 (17:04 IST)
मध्यप्रदेश बजट में महिला सशक्तिकरण पर खासा फोकस किया गया है। बजट में लाड़ली बहनों के लिए 23 हजार करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है। वर्ष 2026-27 के बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में 26 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि यह बढ़ोतरी केवल वित्तीय विस्तार नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं, बहनों और बच्चों के जीवन में ठोस परिवर्तन का संकल्प है।
मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के अंतर्गत 23,883 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया है, जो महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। वहीं, आंगनवाड़ी सेवाएं (सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0) के लिए 3,863 करोड़ तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,801 करोड़ रु. का प्रावधान कर बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को सशक्त आधार दिया गया है।
प्रदेश में कुपोषण उन्मूलन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम अंतर्गत विशेष पोषण आहार योजना के लिए 1,150 करोड़ रु. तथा पोषण अभियान (एनएनएम) के लिए 250 करोड़ रु. निर्धारित किए गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) मिशन शक्ति सामर्थ्य के लिए 387 रु. करोड़ का प्रावधान कर गर्भवती एवं धात्री माताओं को सुदृढ़ सहायता सुनिश्चित की गई है।
बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु 337 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की गई है। महिला एवं बाल कल्याण संचालनालय के लिए 561 करोड़ रु. का प्रावधान प्रशासनिक और क्रियान्वयन क्षमता को सशक्त करेगा। इसके साथ ही, जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण के लिए नॉन-इंस्टीट्यूशनल केयर (स्पॉन्सरशिप एवं फॉस्टर केयर) हेतु 168 करोड़ रु. तथा समेकित बाल संरक्षण योजना (आईसीपीएस) –मिशन वात्सल्य के अंतर्गत 115 करोड़ रु. की राशि निर्धारित की गई है।
मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास की अवधारणा को साकार करता है, जिसमें महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा, बाल संरक्षण और सामाजिक न्याय को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि 26 प्रतिशत की बजट वृद्धि से स्पष्ट है कि राज्य सरकार महिला एवं बाल विकास को नीति-निर्माण के केंद्र में रखकर भविष्य की पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री भूरिया ने कहा कि यह बजट प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के दायरे को व्यापक बनाते हुए नारी शक्ति और बाल समृद्धि को विकास की मुख्य धारा में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है।