Publish Date: Tue, 10 Feb 2026 (15:30 IST)
Updated Date: Tue, 10 Feb 2026 (15:41 IST)
मध्यप्रदेश के 18 फरवरी को आने वाले बजट से क्या प्रदेश की जनता को बड़ी राहत मिलने वाली है, क्या बजट में प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे। पिछले दिनों खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ ऐसे संकेत दिए थे कि बजट में प्रदेश की जनता को राहत मिल सकती है।
दरअसल केंद्रीय बजट पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि पेट्रोल-डिजल वाकई हमारे सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बारे में सोच रही है। इनकी बढ़ती कीमतों पर धीरे-धीरे कट लगाया जाएगा। यही नहीं उन्होंने इस दौरान ये भी संकेत दिया कि 18 फरवरी को प्रदेश के आने वाले बजट में इसको लेकर एलान किया जा सकता है।
पिछले दिनों केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए आम बजट में ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने पर काफी जोर दिया गया है, वहीं अब मध्यप्रदेश के बजट में भी इसको लेकर बड़े एलान किए जा सकते है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट में कुछ कमी की जा सकती है। हालांकि, यह तभी होगा जब राजस्व वृद्धि के विकल्प तैयार होंगे।
मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम आसपास के सभी प्रदेश से काफी अधिक है। इसका बड़ा कारण वर्तमान में मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर 29 प्रतिशत वैट, ढाई रुपये प्रति लीटर सेस और डीजल पर 19 प्रतिशत वैट के साथ डेढ़ रुपये प्रति लीटर सेस लगना है।
इसे कम करके महंगाई से राहत देने की मांग लंबे समय से उठती रही है लेकिन राज्य की आय का बड़ा स्रोत होने के कारण इसमें कमी नहीं की जा रही है। वेबदुनिया से बातचीत में मध्यप्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह कहते हैं कि अगर मध्यप्रदेश के सभी सीमावर्ती राज्यों में डीजल के दाम देखे तो उत्तर प्रदेश से पांच रुपए महंगा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से 2 रुपए महंगा है, जिसका सीधा असर डीजल की ब्रिकी पर पढ़ता है और सरकार को राजस्व भी नहीं मिल पाता है।
मध्यप्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह कहते हैं कि अगर सरकार डीजल पर 2.50 रुपए लीटर कम कर दें तो प्रदेश में बाहर से डीजल आना बंद हो जाएगा और प्रदेश मेंं डीजल की बिक्री भी बढ़ेगी, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान भी नही होगा और लोगों को बड़ी राहत मिल सकेगी।
इसके साथ ही अजय सिंह कहते है कि बजट में पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट को कम करने की गुंजाइश और सरकार वैट कम कर सकती है। वहीं वह यह जोड़ते हैं कि अगर सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम कुछ पैसेों की कमी करती है तो यह सरकार के लिए आत्मघाती कदम होगा और इस लॉलीपाप से न सरकार को कोई फायदा होगा और न जनता को कोई लाभ होगा।