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भोपाल में नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गोमांस पर घिरी सरकार, आरोपी असलम चमड़ा पर मेहरबानी पर उठे सवाल?

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हमें फॉलो करें Questions raised on the government over beef in the Municipal Corporation's slaughter house in Bhopal

भोपाल ब्यूरो

, मंगलवार, 13 जनवरी 2026 (12:16 IST)
राजधानी भोपाल में नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने का मामला गर्माता जा रहा है। हिंदू संगठन जहां एक ओर सड़क पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। वहीं विपक्षी दल कांग्रेस भाजपा शासित नगर निगम में गौवध को लेकर सीधे सरकार को घेर रही है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर जानबूझकर आरोपी असलम चमड़ा को बचाने का आरोप लगाया है। भोपाल हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने असलम चमड़े के खिलाफ NSA लगाने के साथ बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है।  उधर पूरा मामला गर्माने के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नगर निगम के वेटनरी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है।  वहीं आज हो रही निगम की बैठक में भी पूरा मामले जोर-शोर से उठ रहा है।  

असलम चमड़ा की भूमिका पर उठे सवाल?- भोपाल नगर निगम पीपीसी मोड पर जो स्लॉटर हाउस चला रहा था उसके संचालक असलम चमड़ा की भूमिका पर कई तरह के सवाल उठ रहे है। असलम चमड़ा पर भोपाल पुलिस-प्रशासन के साथ निगम के अधिकारी खूब मेहरबान दिखाई दे रहा है। करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन पर बने नगर निगम से इस आत्याधुनिक स्लॉटर हाउस पर निगर के अफसर इस कदर मेहरबान है कि उन्होंने करीब 100 करोड़ की जमीन को मात्र 4 लाख रुपए सालाना में असलम चमड़ा को दे ऱखी थी।

इसके साथ ही स्लॉटर हाउस का संचालक असलम कुरैशी ने नियमों को ठेंगा दिखाते हुए प्राइवेट डॉक्टर नियुक्त कर रखे थे। इसके साथ नगर निगम में मवेशियों से जुड़े सभी तरह के काम का ठेका भी असलम कुरैशी के पास था जो यह बताता है कि भोपाल नगर निगम उस पर किस कदर मेरबान है। 

ऐसा नहीं है कि असलम चमड़ा के खिलाफ शिकायत नहीं की गई। मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने खुद असलम चमड़ा की शिकायत की थी लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उसे क्लीन चिट दे दी थी। पूरा मामला सामने आने के बाद प्रियंक कानूननगो ने कहा कि  भोपाल में सरकारी पैसे से बने नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गौ हत्या कर गौ माँस को पैक कर के बेंचने के मामले में पकड़ाए असलम चमड़ा के विरुद्ध शिकायत थी कि वो अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को भोपाल ला कर गौकशी करवाता है।

उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम समेत पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि हमने पुलिस को जाँच के निर्देश दिए थे तत्पश्चात पुलिस ने असलम के बयान को हो सत्य मान कर हमको जो रिपोर्ट प्रेषित की थी उसके अनुसार तो नगर निगम ही इस क़तलख़ाने का संचालक है। तो अब तय करिए कि निगम के किस अफसर पर मुक़दमा बनना चाहिए? इसकी जड़ें गहरी हैं भोपाल के आदमपुर छावनी में मृत पशुओं के शव के निष्पादन के लिए 5 करोड़ की सरकारी लागत से बना रेंडरिंग (carcass) प्लांट भी इसी असलम चमड़े के पास है। ये दोनों संयंत्र इस से वापस लेने होंगे और अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की जाँच कर उन्हें भोपाल की पूज्य मातृ भूमि से बाहर खदेड़ना होगा।

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि गौमाता के नाम पर सरकार ने लोगों को धोखा दिया है। कुछ समय पहले सरकार ने गोमांस पर जीरो प्रतिशत टैक्स किया था जिस पर कांग्रेस ने सवाल उठाए थे तब मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गौवध पर बैन है। लेकिन अब   भोपाल में नगर निगम के स्लॉटर में टनों में गोमांस के अवशेष मिले है, यह बताता कि गौवध करने में भाजपा की नगर निगम शामिल है।

क्या है पूरा मामला?-पूरा मामला भोपाल में 17 दिसंबर की रात को उस वक्त समाने आया जब हिंदू संगठनों ने पुलिस मुख्यालय के पास एक संदिग्ध ट्रक को रोका था। यूपी में रजिस्टर्ड इस  ट्रक में 26 टन मांस भरा था, जो नगर निगम की जंहगीराबाद में पीपीपी मोड पर संचालित स्लॉटर हाउस से निकला था। जब्त मांस की जांच के दौरान उसमें गोमांस की पुष्टि के बाद नगर निगम प्रशासन ने स्लॉटर हाउस को सील कर दिया है। वहीं गोमांस तस्करी के मामले में जहांगीराबाद पुलिस ने स्लॉटर हाउस लाइवस्टाक के संचालक असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा और कंटेनर संचालक शोएब को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लाइवस्टाक स्लाटर हाउस से दूसरे राज्यों तक गोमांस पहुंचा रहे थे।

वहीं नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गोकशी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा है।  कांग्रेस ने नगर निगम कार्यालय का घेराव करते हुए स्लॉटर हाउस पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अमित शर्मा ने आरोप लगाया कि यह अवैध धंधा नगर निगम अधिकारियों और भाजपा नेताओं की मिलीभगत से चल रहा था। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि 35 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक प्लांट में निगरानी क्यों नहीं की जा रही थी। 

बैकफुट पर भोपाल नगर निगम प्रशासन-राजधानी भोपाल में नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गोकशी को लेकर अब सरकार से से लेकर नगर निगम तक बैकफुट पर नजर आ रहा है। पूरा मामला सामने आने के चार दिन बाद अब भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पूरे मामले पर सफाई दी है। सोमवार को भोपाल में सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए किशन सूर्यवंशी ने कहा कि दोषी और उन्हें संरक्षण देने वाले नहीं बचेंगे। पूरे मामले में स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा की भूमिका सामने आने पर किशन सूर्यवंशी ने कहा कि चाहे असलम चमड़ा हो या कहीं का भी चमड़ा, अगर कोई इस तरह के अपराध में लिप्त पाया गया तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं नगर निगम की भूमिका पर उठते सवालों पर उन्होंने कहा कि स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव निगम परिषद की बैठक में नहीं आया।

मीडिया से बात करते हुए किशन सूर्यवंशी ने कहा कि  मध्य प्रदेश में गौहत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध है और अभी इस मामले पर आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी चाहे छोटा हो या बड़ा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
 

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