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पवित्र दूध भी बना जहर, आंध्रा में दूध से 16 मौतों के बाद इंदौर में हड़कंप, खाद्ध विभाग एक्‍शन में, सैंपलिंग शुरू

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आंध्रप्रदेश में जहरीले दूध के इस्‍तेमाल के बाद हुई भीषण त्रासदी में 16 लोगों की मौत हो गई। आंध्रा की इस घटना के बाद इंदौर में प्रशासनिक मशीनरी एक्‍शन में आ गई है। इंदौर में प्रशासन ने दूध डेयरियों और सप्लायर्स पर सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है, जिससे मिलावटखोरों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

कई जगहों से दूध के सेंपल लिए गए हैं। इन सेंपलों को जांच के लिए प्रयोग शाला भेजा जा रहा है। कुछ सेंपल संदिग्‍ध पाए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी भी डेयरी पर दूध के सैंपल फेल होते हैं, तो संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और दुकान को तत्काल सील कर दिया जाएगा।
  • आंध्रा में 16 मौतों के बाद इंदौर में हड़कंप, कई दूध डेयरियों से लिए सेंपल, जांच के लिए भोपाल भेजे गए
  • पहले भी मिल चुकी है नकली सामग्रियों की शिकायतें
  • मावा और पनीर के भी लिए सेंपल, जांच में भेजे गए
  • जहरीले पानी से हुई मौतों के बाद अब प्रशासन फूंक-फूंककर रख रहा कदम
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि कल 18 सैंपल लिए थे, जबकि आज करीब 15 से 20 सैंपल लिए गए हैं। ज्‍यादातर दूध के ही सेंपल हैं। हालांकि प्राथमिक जांच में दूध में कोई सिंथेटिक पदार्थ या डिटरजेंट नहीं मिला है। हालांकि पानी मिला रहे हैं। सभी सेंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

शुद्ध दूध के लिए युद्ध : आंध्रा की इस गंभीर घटना ने दूध आपूर्ति व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदौर प्रशासन ने अब शुद्ध दूध के लिए युद्ध शुरू कर दिया है। दरअसल, इंदौर में भी कई बार नकली दूध, मावा और पनीर की शिकायतें मिल चुकी हैं। यानी आम लोगों को पूरे पैसे चुकाने के बाद भी शुद्ध दूध नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इंदौर की छोटी-बड़ी सभी दूध डेयरियों पर सैंपलिंग की प्रक्रिया तेज कर दी है। संदिग्ध ठिकानों पर दी जा रही दबिश और कड़ी कार्रवाई की आहट से कई डेयरी संचालक अपनी दुकानों के शटर गिराकर भूमिगत हो गए हैं।

कनाडिया क्षेत्र की डेयरियों से लिए नमूने : कलेक्टर के आदेश के पालन में आज सुबह से ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में सघन निरीक्षण शुरू कर दिया है। कनाडिया क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान कुल 12 संदिग्ध नमूने एकत्र किए गए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जोशी दूध दही भंडार से 4 नमूने, ओसवाल डेरी से 3 नमूने, गणेश दूध दही भंडार से 3 नमूने और पूजा डेरी से दूध व मावा के 2 नमूने जांच के लिए लिए। इस दौरान टीम ने डेयरी परिसरों में स्वच्छता मानकों का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

पनीर और दूध के भी नमूने लिए : इंदौर की पूजा डेरी वैभव नगर से दूध एवं मावा के दो सैंपल, सोनू राजा डेरी (गुलजार कालोनी चौराहा) से मिश्रित दूध का एक सैंपल, गीता डेरी आनंद बाजार से दूध, पनीर एवं दही के तीन सैंपल और महावीर डेरी (साकेत चौराहा) से गाय के दूध का एक सैंपल जांच के लिए लिया गया। सुपर मिल्क प्रोडक्ट साकेत स्क्वेयर से चोको हेजलनट मिल्क का एक सैंपल लिया।

संचालकों को सख्त चेतावनी : निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने डेयरी संचालकों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने संचालकों को डेयरी में साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। टीम ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी संस्थान खराब गुणवत्ता या मिलावटी उत्पाद बेचते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल भेजे गए सैंपल : मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने जानकारी दी कि आज एकत्र किए गए सभी 12 नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी प्रतिष्ठानों पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह जांच अभियान केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी शहर के अन्य इलाकों में निरंतर जारी रहेगा।

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