rashifal-2026

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

इंदौर में जहरीले पानी से मौतों पर मंत्री-महापौर की सफाई पर बिफरी उमा भारती, कहा बिसलेरी का पानी पीने की बजाए इस्तीफा देकर करें प्रायश्चित

Advertiesment
हमें फॉलो करें Uma Bharti
webdunia

विकास सिंह

, शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 (15:11 IST)
राजनीति में नेता सफलता पर क्रेडिट लेने से चूकते नहीं और अपनी असफलता का खामियाजा हमेशा दूसरे पर फोड़ने में देर नहीं करते। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भगीरथपुरा में 15 बेकसूर लोगों की मौत के मामले में कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है। इंदौर के चुने हुए जनप्रतिनिधि जिनके कंधों पर इंदौरवासियों को स्वच्छ पानी देने का जिम्मा था वह अब एक सुर में अपनी नाकामियों का ठीकरा अफसरों पर फोड़ते हुए दिखाई दे रहे है। चाहे वह नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हो या इंदौर के प्रथम नागारिक का दर्जा रखने वाला महापौर पुष्यमित्र भार्गव।

स्वच्छ शहर इंदौर को कलंकित करने वाले भागीरथपुरा कांड पर अपने को बचाने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके समर्थक माने जाने वाले महापौर पुष्यमित्र भार्गव जिस तरह से अब सार्वजनिक तौर पर इंदौर के अफसरों को कसूरवार ठहरा रहे है उससे उनकी बेशर्मी साफ नजर आती है। ऐसे में सवाल यह भी है कि अगर महौपार को लगता है कि अफसर उनके नहीं सुन रहे तो क्या उन्हें अपने पद पर बने रहने का अधिकार है।

सीधे महापौर से अपने सियासी सफर की शुरुआत करने वाले पुष्यमित्र भार्गव जिनको इंदौर की जनता ने करीब 3 साल पहले लाखों वोटों से जिताने के साथ शहर की कमान सौंपी थी वह देश औऱ दुनिया में भले ही अपनी उलबब्धियों का डंका पिटते नजर आए हो लेकिन उनके महापौर कार्यकाल में इंदौर शहर का कबाड़ा हो गया है। बदहाल और जर्जर सड़कों से लेकर पीने के साफ पानी के लिए बड़ी संख्या में इंदौरवासी आज भी तरस रहे है, जिसकी परिणिति ही है भागीरथपुरा कांड।

भागीरथपुरा कांड पर अब महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद को मासूम और लाचार बताने का नाटक कर रहे है। गुरुवार को जब भागीरथपुरा कांड को लेकर बैठक हुई तो महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के सामने कहा कि आप मुख्यमंत्री जी को बता दो कि मैं ऐसे सिस्टम में काम नहीं कर सकता।

मंत्री कैलाश विजवर्गीय की गुटीय राजनीति और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के लचर रवैया का खामियाजा इंदौर के भागीरथपुरा की बेकसूर जनता को भुगतना पड़ा और देखते ही देखते 15 लोग के काल के मुंह में समा गए है वहीं दर्जनों लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे है।    

इंदौर के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर अब भाजपा की फायरब्रांड नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सवाल उठाते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उमा भारती ने लिखा कि “इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? ,पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड!”

गौरतलब है कि इंदौर के सबसे पावरफुल नेता माने जाने वाले और सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी भागीरथपुरा कांड को लेकर अधिकारियों का रोना रो चुके हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री के नाते पूरे प्रदेशवासियों को साफ पानी उपलब्ध कराने का दावा करने वाले कैलाश विजयवर्गीय अपनी विधानसभा क्षेत्र के लोगों को पहले तो साफ पानी नहीं दे पाए वहीं अब कह रहे है कि अधिकारी मेरी नहीं सुनते।

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से इस्तीफा मांगा है। जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा नेताओं के अहंकार और भ्रष्टाचार ने हमारे इंदौर के 15 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी है। जीतू पटवारी ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा होने चाहिए और महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर एफआईआर होनी चाहिए।

आज इंदौर की जनता पूछ रही है कि जब मंत्री और महापौर अवार्ड लेते समय तो बड़े चौड़े हो जाते हो और आज जब जिम्मेदारी लेने की बात आई तो पूरा ठीकरा अफसरों के  माथे पर फोड़ रहे है और  खुद को स्कूल के बच्चे की तरह मासूम बता रहे हो। जनता कह रही है कि अगर  यदि कुर्सी संभाल नहीं रही तो इस्तीफा दे दीजिए। मुख्यमंत्री जी को बताने की क्या जरूरत है?

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

कुप्रशासन का एपिसेंटर बना एमपी, राहुल गांधी ने कहा, जहरीले पानी से लोगों की मौत और कहते हैं फोकट सवाल नहीं