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मिडिल ईस्ट में गहराते युद्ध संकट से भारत में होगी महंगाई की स्ट्राइक?

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Inflation will strike in India due to the deepening war crisis in the Middle East
मिडिल ईस्ट में ईरान के इजरायल और अमेरिका के साथ छिड़े भीषण युद्ध का अब वैश्विक असर दिखना होना शुरु हो गया है। कच्चे तेल के दामों में बढ़ोत्तरी और तेल सप्लाई में आ रही कठिनाईयों के बाद देश के कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के लिए लोगों को जूझना पड़ा रहा है। इस बीच पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की आंशका के बीच निजी पेट्रोलियम कंपनी नायरा ने पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी है। नायरा एनर्जी ने पेट्रोल में 5 रुपए प्रति लीटर औ डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी कई है।  इससे पहले इंड्रस्ट्रियल डीजल के दामों में भारी बढोत्तरी की जा चुकी है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का सीधा आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। 
 
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत में महंगाई बढ़ने की आशंका प्रबल हो गई है। आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। बाजार के जानकार कहते हैं कि डीजल महंगा होता है, तो माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर फल, सब्जी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। वहीं अंतराराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन बाधित होने और आयात शुल्क में संभावित बदलावों के कारण आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ना तय है, जिससे आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई दर में इजाफा हो सकता है।

दरअसल डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स लागत पर पड़ता है। घरेलू उपयोग में आने वाले वस्तुओं की अधिकांश ढुलाई ट्रकों के माध्यम से होती है। ऐसे में डीजल महंगा होने से फल, सब्जियां, अनाज और दूध जैसी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन का खर्च बढ़ जाता है जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर ही पड़ता है। 
 
भोपाल थोक किराना महासंघ के अनुपम अग्रवाल का कहना है कि अगर ट्रांसपोटर्स को डीजल की सप्लाई निर्बाध रुप से जारी रही तोअभी फिलहाल घेरलु उपयोग में आने वाली वस्तुओं के दामों कोई बहुत बड़ी बढ़ोत्तरी की संभावना नहीं है। हलांकि वह कहते हैं कि अगर डीजल के दामों में कोई बड़ी बढोत्तरी होती है तो इसका असर बाजार पर भी देखने को मिल सकता  है और आनाज के दामों में बढोत्तरी हो सकती। वह कहते हैं कि जिस तरह से पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह के कारण लोग पैनिक हो रहे है, वैसे हालात किराना बाजार में नहीं है। इसका कारण त्यौहारों के खत्म होने के साथ शादी-ब्याह का सीजन भी खत्म होना है। इस कारण किराना बाजार में कोई खास भीड़ नहीं देखी जा रही है।   
 
इसके साथ तेल संकट के बीच भारत में खेती में इस्तेमाल होने वाली खाद जैसे यूरिया की किल्लत के साथ जमाखोरी के साथ दाम बढ़ने की खबरें आ रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खाद और बीजों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, इसको लेकर केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को निर्देश जारी  किए है। कृषि क्षेत्र में लगातार निगरानी के लिए एक विशेष सेल का गठन किया गया है। यह सेल खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता की साप्ताहिक रिपोर्ट केंद्रीय कृषि मंत्री को देगा। गैस और तेल की कीमतें बढने से खाद और सिंचाई की लागत बढ़ जाती है। इसका सीधा असर खाद्य महंगाई के रूप में आपकी जेब पर पड़ेगा है।

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