Publish Date: Fri, 27 Feb 2026 (17:35 IST)
Updated Date: Fri, 27 Feb 2026 (19:03 IST)
मध्यप्रदेश में पोषण आहार (टेक होम राशन) प्रोजेक्ट को महिला स्व-सहायता समूहों के हाथों से छीनने की तैयारियों को लेकर विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न पोषण आहार संयंत्र से जुड़ी स्वसहायता सूमहों की महिलाओं ने शुक्रवार को राजधानी भोपाल पहुंचे कर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया।
विरोध कर रही महिलाओं ने सरकार के उस फैसले का विरोध किया है, जिसमें पोषण आहार का काम स्वयं सहायता समूहों से छीनने की तैयारी चल रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जब पूर्व में महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तो अब सरकार इस फैसले को क्यों बदल रही है। समूहों की महिलाओं का कहना है कि पोषण आहार तैयार करने और वितरण के काम से ही उनके परिवारों की आजीविका चलती है। यदि यह काम उनसे छीन लिया गया, तो हजारों महिलाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा और उनके परिवारों की माली हालत पूरी तरह खराब हो जाएगी।
क्या है पूरा मामला?- मध्यप्रदेश में 1166 करोड़ रुपए के पोषण आहार (टेक होम राशन) प्रोजेक्ट को महिला स्व-सहायता समूहों के हाथों से छीनकर नेफेड (NAFED) को सौंपने की तैयारी में है। चूंकि नेफेड खुद राशन तैयार नहीं करता, इसलिए यह आशंका जताई जा रही है कि यह काम फिर से निजी हाथों में चला जाएगा, जिससे प्रदेश के 141 करोड़ रुपये की लागत वाले सातों सरकारी पोषण आहार प्लांटों पर ताले लग जाएंगे।
इस फैसले से देवास, धार, होशंगाबाद,मंडला, सागर,शिवपुरी और रीवा में स्थित प्लांटों में काम करने वाली स्वसहायता समूह की महिलाएं सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। इन समूहों से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि प्लांट बंद होने से वे बेरोजगार हो जाएंगी और कई परिवारों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। गौरतलब है कि पोषण आहार व्यवस्था में बदलाव के लिए विभागीय अफसरों ने साउथ की कंपनी के पोषण आहार प्लांट का दौरा भी किया था। इससे विभागीय अफसरों की मंशा पर सवाल उठ रहे है। वहीं एक्सपर्ट बातते है कि अगर रेसिपी में बदलाव किया जाए तो प्लांट को फायदे में लाया जा सकता है। नई रेसीपी को लेकर वर्ष 2023 में महिला एवं बाल विकास आयुक्त ने एक पत्र भी लिखा था।