farmers protest : सरकार के खिलाफ किसान एक बार फिर सड़कों पर उतर आया है। नागपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर जाम लगाया। कांटेदार पेड़ सड़क पर डालकर वाहनों को रोकने की कोशिश की। मीडिया खबरों के मुताबिक प्रहार जनशक्ति पार्टी द्वारा वर्धा महामार्ग के पासोडी में मंगलवार शाम से शुरू किए गए महा एल्गार आंदोलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर यातायात 16 घंटे से अधिक समय बाधित रहा।
हजारों किसान ट्रैक्टर और बैलगाड़ी लेकर अमरावती से नागपुर बॉर्डर पहुंचे। किसानों को नागपुर बॉर्डर पर रोक दिया गया है। ताजा खबरों के अनुसार बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद किसानों ने हटना शुरू कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्वत: इस मामले पर संज्ञान लिया है। बच्चू कडू ने मीडिया से कहा कि हम अदालत के आदेश का पालन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन पुलिस को हमें बताना चाहिए कि वे हमें कहां ले जा रहे हैं और हमारे लिए क्या व्यवस्था कर रहे हैं।
क्या हैं किसानों की मांगें
महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक बच्चू कडू किसानों की मांगों को लेकर महाएलगार मोर्चा निकाल रहे हैं। इनकी प्रमुख मांगों में महाराष्ट्र के किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी, भारी बारिश से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा, राज्य के दिव्यांग नागरिकों को 6,000 रुपए प्रतिमाह, और किसानों की फसल को हमी भाव (MSP) दिए जाने की मांग शामिल है। बच्चू कडू ने कहा कि मांगें नहीं मानने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
सड़क के दोनों ओर लगीं कतारें
सड़क के दोनों ओर हजारों वाहन फंसे हुए हैं, जिससे पूरी यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। इस जाम के कारण समृद्धि से यात्रा करने वाले वाहन मालिकों के लिए अपने प्रारंभिक बिंदु तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। रात भर सड़क पर डेरा जमाए बैठे कुछ प्रदर्शनकारियों ने ट्रक ड्राइवरों को परेशान किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह ज़िले में चार राजमार्गों को प्रदर्शनकारी किसानों ने लगभग जाम कर दिया है। वर्धा-चंद्रपुर के साथ-साथ यवतमाल, हैदराबाद, अमरावती और जबलपुर जाने वाली मुख्य सड़कों पर भी वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। इस मार्ग पर स्थित अस्पताल दूसरे दिन भी यातायात जाम से सर्वाधिक प्रभावित रहे। Edited by : Sudhir Sharma