Makaravilakku festival 2026: हर साल केरल के सबरीमाला मंदिर में मकर संक्रांति पर मकरविलक्कु उत्सव मनाते हैं। इस उत्सव की खास बात यह है कि इस दौरान मंदिर से 4 किलोमीटर दूर स्थित पोन्नम्बलमेडु पर्वतमाला के शिखर पर एक दिव्य ज्योति 3 बार प्रकट होती है। इसी पवित्र प्रकाश को मकरविलक्कु कहते हैं। इस दिव्य प्रकाश के दर्शन के लिए लाखों लोग एकत्रित होते हैं।
1. मकर संक्रांति के दिन दिखाई देती है रहस्यमय ज्योति: अयप्पा स्वामी के मंदिर के पास आकाश में मकर संक्रांति की रात घने अंधेरे में रह-रहकर यहां एक ज्योति दिखाई देती है। बताया जाता है कि जब-जब ये रोशनी दिखती है, इसके साथ शोर भी सुनाई देता है।
2. दर्शन करने आते हैं लाखों भक्त: इस ज्योति के दर्शन के लिए दुनियाभर से करोड़ों श्रद्धालु हर साल आते हैं। भक्त मानते हैं कि ये देव ज्योति है और भगवान इसे जलाते हैं। इस मकर ज्योति तारे की पूजा होती है। मकर संक्रांति के दिन भगवान अय्यप्पा के सहस्रों भक्त मकरविलक्कु अर्थात् दिव्य ज्योति के दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं।
3. मकर ज्योति तारा: मंदिर प्रबंधन के पुजारियों के अनुसार मकर माह के पहले दिन आकाश में दिखने वाला एक खास तारा मकर ज्योति है। मकर ज्योति सूरज के बाद दूसरा सबसे चमकीला तारा है, जो हमारे आसमान में दिखता है जिसकी रोशनी दिखाई देती है। हालांकि लोगों का मानना कुछ और ही है, क्योंकि यदि ऐसा होता तो यह ज्योति और कहीं क्यों नहीं दिखाई देती है?