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7 बार सफाई में अव्‍वल के तमगे का पुतला फूंक दो, साफ पानी नहीं पिला सकते तो आपकी सफाई पर लानत है

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 500 बीमार, तीन की मौत की खबर, अब खुली प्रशासन की नींद

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नवीन रांगियाल

(देश के सबसे स्‍वच्‍छ इंदौर में दूषित पानी सप्‍लाय कर प्रशासन ने जनता से संवैधानिक अधिकार भी छीन लिया)
देश के सबसे साफ शहर इंदौर का प्रशासन अगर अपने लोगों को एक वक्‍त का साफ पानी भी मुहैया न करा सके तो ऐसी स्‍वच्‍छता पर शर्म आती है। आजादी के 75 साल बाद भी अगर दुषित पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार पड़ जाए— उनकी जानें चली जाएं तो ऐसी स्‍वच्‍छता किसी को नहीं चाहिए। 7 बार सफाई में अव्‍वल होने पर इंदौर को मिले तमगे का पुतला फूंक देना चाहिए— क्‍योंकि जनता को साफ पानी नहीं पिला सकते तो आपकी सफाई पर लानत है।

जो प्रशासन और नेता इंदौर की सफाई की डींगे हांकते हुए नहीं थकते अब उन्‍हें अपनी गर्दनें झुका लेनी चाहिए— अपनी आस्‍तीनें और कॉलर को नीचे गिराकर रखना चाहिए। क्‍योंकि उन्‍होंने इंदौर की आम जनता से साफ पानी पीने का सबसे बेसिक और संवैधानिक अधिकार तक छीन लिया है। सबसे साफ शहर के पानी से लोग बीमार पड़ रहे हैं, अस्‍पताल में भर्ती हैं और उनकी जानें जा रही हैं।
नगर निगम की नींद उड़ी : दूषित पानी से बीमार 500 से अधिक लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक बुजुर्ग और दो महिलाओं की मौत की खबर आ रही है। बड़ी संख्‍या में लोग अस्‍पताल में भर्ती हैं। डॉक्‍टरों और नर्मदा विभाग के अफसरों की टीमें भागीरथपुरा में तैनात की गई है। इसके साथ ही अब निगम प्रशासन भागीरथ पुरा में टेंकरों से साफ पानी सप्‍लाय कर रहा है। 

ये दाग साफ करने की कोशिश मत करना : इंदौर के भागीरथपुरा में दुषित पानी पीने से सैंकड़ों लोग बुरी तरह बीमार पड़ गए। कई लोग अस्‍पतालों में भर्ती हैं। उल्‍लेखनीय है कि भागीरथपुरा में करीब एक हफ्ते से 150 से ज्‍यादा लोगों को उल्टी और दस्‍त (लूज मोशन) की शिकायत थी। जब लोगों को दूषित पानी का अहसास हुआ तो कई बार नगर निगम प्रशासन को को शिकायत की, लेकिन जैसा आमतौर पर होता है निगम प्रशासन के किसी नुमाइंदे के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। यह घटना इंदौर को सात बार मिले स्‍वच्‍छता सम्‍मान पर कीचड़ के गंदे छींटे हैं। प्रशासन की लापरवाही के गहरे दाग हैं। जिसे इंदौर का जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन कितना भी धोने-साफ करने की कोशिश करेगा तो भी ये दाग छूटेंगे नहीं।

तीन लोगों की मौत : बता दें कि भागीरथपुरा क्षेत्र में सोमवार को दूषित पानी पीने से 35 से ज्‍यादा लोग बीमार हुए हैं। सभी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से एक नंदलाल पाल (75) की मंगलवार सुबह वर्मा हॉस्पिटल में मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि मौत कॉर्डियक अरेस्ट से हुई है। नंदलाल पाल को दूषित पानी पीने के बाद 28 दिसंबर को भर्ती कराया गया था। इसके साथ ही 2 अन्‍य महिलाओं की मौत की खबर है। वर्मा हॉस्पिटल में ही मंगलवार को 5 नए मरीजों को भर्ती कराया गया है। जबकि दो को डिस्चार्ज किया गया है। अभी यहां 20 मरीज भर्ती हैं। मरीजों के आने का सिलसिला भी जारी है। अन्य को त्रिवेणी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। भागीरथपुरा में करीब एक हफ्ते में डेढ़ सौ लोगों ने उल्टी और लूज मोशन की शिकायत की है।

क्‍यों हुआ ये हादसा : शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में हो रही खुदाई या टंकी के दूषित पानी के कारण यह स्थिति बनी है। इलाके में नर्मदा का पानी सप्लाई होता है। मामले को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने वार्ड कार्यालय के सामने प्रदर्शन भी किया। हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में आसपास की सभी गलियों में डॉक्टरों को तैनात कर दिया है घर-घर में जांच की जा रही है हर व्यक्ति को बुलाकर उसके सैंपल लिए जा रहे हैं।

क्‍या कहा नर्मदा के अफसर : नर्मदा विभाग के अफसरों का कहना है कि पानी की जांच की गई है। प्रारंभिक तौर पर पानी दूषित नहीं पाया गया। बस्ती में डायरिया किस वजह से फैला। इसकी जांच के लिए पानी के सैंपल लिए गए हैं। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि पांच दिन से बस्ती के लोग आ रहे हैं। पतले दस्त और उल्टी ज्यादा होने से शरीर में कमजोरी आ गई है। रोज पांच-सात मरीज आ रहे हैं। सभी में डायरिया के लक्षण पाए गए।

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